राज्य: केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव मिला है। बांग्ला अंग्रेजी और हिंदी के नाम बदलने के प्रस्ताव की सूचना गृह मंत्रालय की ओर से सांसदों को दी गई। गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा को एक लिखित पत्र लिखकर सूचित किया कि गृह मंत्रालय ने पूरे देश भर के शहरों के नाम को परिवर्तित करने के पिछले पांच साल के प्रस्ताव को NOC दे दिया है।
नित्यानंद ने संसद को बताया कि राज्य को पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का प्रस्ताव मिला है। राज्य का नाम परिवर्तन करने हेतु तीनो भाषाओं हिंदी अंग्रेजी और बंगाली के सम्मिलित रूप बांग्ला का प्रस्ताव आया है। नाम बदलने के प्रस्ताव पर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के नेता सईदा अहमद ने कहा कि क्या सरकार ने हैरिटेज प्लेस के नाम को बदलने के लिए उचित दिशानिर्देश तैयार किये हैं। जिसका उन्हें जवाब मिला कि विरासत स्थल का नाम परिवर्तित करने के लिए एमएचए के पास कोई उम्दा रणनीति नहीं है।
जानकारी के लिए बता दें राज्य ने पहली बार साल 2016 में नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। उस समय नाम परिवर्तन के लिए पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने तर्क दिया था। उन्होंने कहा था कि नौकरशाह और नेता यह शिकायत करते हैं कि जब वह दिल्ली किसी काम या फिर मीटिंग के लिए जाते हैं तो उन्हें पहले मौका नहीं दिया जाता है। उन्हें अपनी बात रखने के लिए अंत तक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने उस समय कहा था कि यदि पश्चिम बंगाल को नया नाम मिलता है तो यह आगे बढ़गा और निचले स्तर से ऊपर उठेगा।
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