बिलकिस बनो रेप के आरोपियों की रिहाई पर भड़का कोर्ट होगी सुनवाई

गुजरात: गुजरात सरकार ने बिलकिस बनो के साथ सामुहिक दुष्कर्म के 11 आरोपियों को सजा माफी नीति के तहत 15 अगस्त को रिहाई दे दी। आरोपियों की रिहाई से गुजरना में हंगामा मच गया। विपक्ष में भाजपा सरकार पर कटाक्ष करना शुरू कर दिया। वही बिलकिस बनो के पति ने इस मामले पर कहा है कि आरोपियों की रिहाई ने बिलकिस की जिंदगी नर्क बना दी है।

वही अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बिलकिस बनो रेप के आरोपियों की रिहाई के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता सुहासिनी अली, पत्रकार रेवती लॉल और प्रोफ़ेसर रूप रेखा वर्मा और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वही अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने को राजी हो गया है।
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि एक गर्भवती महिला से सामूहिक बलात्कार के मामले में दोषियों को रिहाई नहीं मिलनी चाहिए. इस पर मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि वो इस मामले में सुनवाई के लिए तैयार है। 
जानकारों का कहना है कि जिस तरह से यह रिहाई हुई है और आरोपियों का स्वागत किया गया व उन्हें मिठाई खिलाई जा रही है। उससे यह साफ है कि यह रिहाई राजनीतिक हित से जुड़ी हुई है।

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