अंतरराष्ट्रीय: म्यामांर की सेना ने आम नागरिकों पर किये अपने अत्याचारों को स्वीकार किया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जब बीबीसी की टीम ने म्यामांर की सेना का इंटरव्यू लिया तो सेना ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने मानवाधिकार का उलंघन किया है। पहली दफा ऐसी स्थिति हुई है जब किसी देश की सेना ने अपने द्वारा नागरिकों पर किये गए अत्याचारों को स्वीकारा किया है।
सेना ने कहा कि मुझे यह आदेश दिये गये थे कि हम लोगो को परेशान करे उनपर अत्याचार करे उनका शोषण करें। बीबीसी के मुताबिक सेना के जवान मांग ऊ का कहना है कि जब उन्हें सेना में लिया गया तो उन्हें यह लगा था कि उनकी भर्ती देश की रक्षा करने के लिये की गई है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ उन्हें उस बटालियन का हिस्सा बनाया गया मई, 2022 में एक मॉनेस्ट्री में छिपे आम नागरिकों की हत्याएं की गई जो वास्तव में दर्दनाक था।
उन्होंने बीबीसी की टीम से आगे कहा कि सभी पुरुषों को एक साथ खड़ा करके उनपर गोली चलाने का आदेश दिया गया था। सबसे भयावह दृश्य था यह इसमे महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे। हमें बिना दया के उन्हें मारना पड़ा। उन्होंने आगे कहा छह सैनिकों, जिनमें एक कोर्पोरल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा यह म्यामांर की बुरी स्थिति को दर्शाता है।
सैनिकों ने बीबीसी की टीम को बताया कि पिछले साल 20 दिसंबर को केंद्रीय म्यांमार के या म्येत गांव को सेना के तीन हेलीकॉप्टरों ने घरे लिया। जो सैनिक इन हैलीकॉप्टर से उतरे उन्हें यह आदेश दिया गया कि नागरिकों पर गोली चलायें। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार सेना तीन अलग अलग इलाको से गांव में दाखिल हुए महिलाओं बच्चो और पुरुषों पर अंधाधुंध गोली चलाई गई। सेना को आदेश था कि जो भी दिखाई दे उसे गोली से भून दो।
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