भारत:- भारत मे अभी जहाँ नुपुर शर्मा के बयान से मचा हंगामा थमा नहीं था कि अब महुआ मोइत्रा इसी के साथ महुआ मोइत्रा भी सुर्खियों में आ गई। वही अब इन दोनों महिलाओं के बयान को लेकर बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति अभिव्यक्ति की आजादी में विश्वास रखता है तो वह नुपुर शर्मा और महुआ मोइत्रा के बयान का सम्मान करेगा। वही जो लोग अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ नहीं समझते वह इसे हर तमगे से गलत ही देखेंगे।
जानकारी के लिए बता दें अभी हाल ही में महुआ मोइत्रा ने मां काली को लेकर बयान दिया था ओर कहा था कि मां काली को मांस पसन्द है और वह शराब को स्वीकारती है। वही नुपुर शर्मा ने पैगम्बर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी जिसके बाद भारत समेत कई मुस्लिम देशों ने इनकीं गिरफ्तारी की मांग उठाई थी ओर भारत मे कई जगहों पर इनकीं गिरफ्तारी को लेकर हंगामा हुआ था। वही तसलीमा ने इसको अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी हिंसक नहीं है यह किसी का सर कलम करने की बात नहीं करती। किसी का सर तन से जुदा करने जैसे बयान अभिव्यक्ति की आजादी तो नहीं है। किसी के विचार की इज्जत करना उन्हें सम्मान देना अलग बात है और किसी के विचारों व्यक्त करना और फिर उसका समर्थन करना अलग बात है। उन्होंने कहा, हो सकता है मैं लोगो के विचारों से सहमत न होऊं लेकिन मैं फिर भी उनके विचार व्यक्त करने के अधिकार का समर्थन करूंगी क्योंकि यह उनका अधिकार है। मैं अपने दुश्मन का भी यह अधिकार छीनने का अधिकार नहीं रखती हूं।
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