सुप्रीम कोर्ट ने रैन बसेरों के विध्वंस पर कहा, पुनर्वास के सवाल पर विचार करेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के सराय काले खां स्थित एक रैन बसेरे को अधिकारियों द्वारा गिराए जाने की सूचना मिलने के बाद उसे अब पुनर्वास के मुद्दे पर विचार करना होगा। अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय और दीपांकर दत्ता की पीठ के समक्ष कहा कि अधिकारियों ने सुबह 10 बजे उस रैन बसेरों को ध्वस्त कर दिया है, जिसका उपयोग 50 से अधिक लोग कर रहे थे।

पीठ ने कहा कि अगर रैन बसेरों को गिराया गया है, तो उसे पुनर्वास के सवाल पर विचार करना होगा। भूषण ने मामले का जिक्र उस समय किया, जब पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। मामले की सुनवाई खत्म होने के बाद भूषण ने कहा कि अधिकारी वहां बुलडोजर लेकर आए और रैन बसेरों को गिरा दिया। बेघरों का मामला इस अदालत में लंबित है और यह मामला बेघरों के रैन बसेरों का ही है।

उन्होंने तर्क दिया कि वैकल्पिक आवास प्रदान किए बिना अधिकारियों द्वारा रैन बसेरों को ध्वस्त किया जा रहा है। बेघर लोगों से संबंधित मामले पर 22 फरवरी को अदालत में सुनवाई होनी है और सराय काले खां में रैन बसेरा के विध्वंस से संबंधित मुद्दे पर उनके आवेदन पर सुनवाई हो सकती है।

पीठ ने भूषण से कहा कि वह इस मामले की सुनवाई 22 फरवरी को कर सकती है और उनसे इस मामले में बाद के घटनाक्रमों को शामिल करने को कहा। हाल ही में, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) से सितंबर में निर्धारित जी20 शिखर सम्मेलन से पहले सराय काले खां रैन बसेरा को स्थानांतरित करने के लिए कहा था, क्योंकि चिंता यह थी कि इसका उपयोग अपराधियों और बदमाशों द्वारा किया जा रहा है।

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