सोनीपत में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला! एक रिटायर्ड अधिकारी से 1 करोड़ 78 लाख रुपये की ठगी कैसे हुई? जानिए पूरी कहानी
सोनीपत में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 78 लाख रुपये की ठगी कर डाली. यह घटना उस समय सामने आई जब रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी को अपने बैंक खातों से पैसे गायब होने का पता चला. इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर में खौफ पैदा कर दिया है. आइए, इस मामले की पूरी जानकारी और साइबर अपराध से बचाव के उपाय जानते हैं।
साइबर ठगों का खेल: कैसे हुआ इतना बड़ा नुकसान?
यह मामला 6 नवंबर को शुरू हुआ, जब रिटायर्ड अधिकारी के मोबाइल पर एक अंजान नंबर से फोन आया. कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनका नाम मनी लॉड्रिंग केस में शामिल है. साइबर ठगों ने फर्जी अरेस्ट वारंट की एक कॉपी भी भेजी. इस तरह धोखे से अधिकारी और उनकी पत्नी को अपने जाल में फंसाया गया। अधिकारियों ने कई बार फोन किया और उन्हें धमकाते हुए उनकी और उनके परिवार की जानकारी मांगी गई. अंत में, धमकियों के आगे झुकते हुए अधिकारी ने ठगों के निर्देशानुसार उनके बैंक खातों से 1 करोड़ 78 लाख 55 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए.
धमकी और डर का माहौल
इस पूरे घटनाक्रम में साइबर ठगों ने अपने शिकार को लगातार धमकाया और डराया ताकि वो उनकी बात माने. उन्होंने एक होटल में मोबाइल कैमरा ऑन रखवाकर पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड किया ताकि उन्हें बाद में ब्लैकमेल किया जा सके. इस घटना ने लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता को और भी उजागर किया है.
साइबर सुरक्षा: अपने आप को कैसे बचाएं?
साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह बेहद जरुरी है की हम खुद को साइबर हमलों से बचाना सीखे. कुछ महत्वपूर्ण सुझाव इस प्रकार हैं:
संदिग्ध कॉल से सावधान रहें
अगर कोई अंजान नंबर से फोन करके व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी मांगे तो तुरंत उस कॉल को काट दें. किसी भी प्रकार के दबाव में आकर अपनी जानकारियां न दें। याद रखें की कोई भी संस्था आपकी जानकारी फोन पर नहीं मांगेगी।
फर्जी ईमेल और मैसेज से बचें
फर्जी ईमेल और मैसेज जिन्हें आप पहचानते नहीं, उनको कभी न खोलें. संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से भी बचें.
अपने पासवर्ड को मजबूत रखें
मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें जो अंदाजा लगाना मुश्किल हो. अपने पासवर्ड को नियमित रूप से बदलें.
मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का प्रयोग करें
जहां तक हो सके, हर ऑनलाइन खाते के लिए मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें.
सोनीपत पुलिस की कार्रवाई: क्या हुआ अब तक?
सोनीपत पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. पुलिस टीम साइबर ठगों को पकड़ने के लिए लगातार काम कर रही है. अधिकारियों को उम्मीद है की जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और रिटायर्ड अधिकारी के पैसे वापस मिल जाएंगे. इस मामले ने साइबर अपराधों से जुड़े कानूनों को और सख्त बनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला है।
पुलिस का आश्वासन
पुलिस ने जनता से अपील की है कि साइबर ठगों के जाल में न फंसे और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें.
टेक अवे पॉइंट्स
- साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, और हर किसी को इससे सावधान रहना चाहिए।
- संदिग्ध कॉल और मैसेज से हमेशा बचें और अपनी व्यक्तिगत और बैंक जानकारी सुरक्षित रखें।
- अपने उपकरणों और सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेटेड रखें ताकि साइबर हमलों से बच सकें।
- यदि आप कभी भी साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें और सहयोग दें।

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