विदेशों से आने वाले इतने लोग कोरोना पॉजिटिव, वैक्सीन कितनी प्रभावी

डेस्क। विदेश से आने वाले 19227 यात्रियों की कोरोना जांच की गई है जिनमें से 124 संक्रमित भी पाए गए। संक्रमित पाए गए सैंपल का जिनोम सिक्वेसिंग भी किया जा रहा है।
साथ ही इनमें से 40 सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग में 11 तरह के वैरिएंट भी मिले हैं। साथ ही इन सभी वैरिएंट की संक्रामता और उनपर भारतीय वैक्सीन की कारगरता की जांच करी जा रही है।
बता दें स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चीन समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण की ताजा लहर के लिए जिम्मेदार बीएफ-7 वैरिएंट पर भारतीय वैक्सीन की कारगरता की जांच रिपोर्ट हमें मिल चुकी है। उन्होंने यह कहा कि बीएफ-7 वैरिएंट पर भारतीय वैक्सीन पूरी तरह से कारगर भी पाई गई हैं। साथ ही इसका मतलब है कि बीएफ-7 वैरिएंट से भारत में संक्रमण बढ़ने की आशंका कम हो गई है।
वहीं ध्यान देने की बात है कि बीएफ-7 वैरिएंट भारत में पिछले साल जुलाई महीने में ही पहली बार मिला था। और इसके बाद इसके चार केस सामने भी आ चुके हैं, पर इस वैरिएंट में भारत में वैसी संक्रामकता नहीं देखने को मिली है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी वजह भारतीय वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन की इस वैक्सीन पर कारगरता है। साथ ही भारत में कुल 97 फीसद लोगों को वैक्सीन की एक डोज, 91 प्रतिशत को दोनों डोज और 28 फीसद आबादी को सतर्कता डोज भी लगाई जा चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने यह बोला है कि विदेश से आने वाले यात्रियों में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के वैरिएंट का मिलना चिंता का सबब भी बना हुआ है। साथ ही 40 सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट में 11 तरह से वैरिएंट मिलने से यह साफ है कि कोरोना का वायरस तेजी से म्यूटेट हो भी सकता है और उसका कोई वैरिएंट घातक निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा अब भी बरकरार है और इसके लिए सतर्क रहना बेहद ही जरूरी है।
वहीं इसके अलावा भारत में भी कोरोना संक्रमण और वैरिएंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है और भारत में अब भी कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 2554 के न्यूनतम स्तर पर बनी हुई है और संक्रमण दर का साप्ताहिक औसत 0.12 फीसद दर्ज किया गया है।

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