डेस्क। ब्लूमबर्ग ने गुरुवार को बताया कि रूस भारत को तेल की सीधी खरीद पर बड़ी छूट दे रहा है क्योंकि यूक्रेन पर उसके आक्रमण पर कड़े प्रतिबंधों के बाद अन्य देशों में बिक्री घट रही है।
रूस 35 डॉलर प्रति बैरल तक उच्च ग्रेड का तेल बेचने को तैयार है जो वैश्विक कीमतों में नवीनतम उछाल के बाद बढ़कर 45 डॉलर प्रति बैरल हो सकता है। और चाहता है कि भारत पहले सौदे में 15 मिलियन बैरल तेल खरीद ले।
दुनिया के कई देशों ने युद्ध के अलग अलग कारणों के कारण खरीद रोक दी है जिस कारण से यह भारत के लिए व्यापार को और अधिक आकर्षक बना रहा है।
यह प्रस्ताव विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा ब्रिटिश विदेश सचिव लिज़ ट्रस के साथ बातचीत के एक दिन बाद आया है, जिसने रियायती रूसी तेल खरीदने के भारत के फैसले का दृढ़ता से बचाव किया।
बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम द्वारा इसकी आलोचना कर कहा गया है कि ये एक चाल है।
जयशंकर ने कहा कि रूस भारत से अधिक यूरोपीय देशों को बेचता है और भारत बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्रतिस्पर्धी प्रस्तावों का स्वागत करता है।
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