सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोपों पर वसुंधरा पर पलटवार, मंत्री धारीवाल बोल- एस्कोर्ट की सुविधा को नकार दे

Rajasthan News जयपुर । गहलोत के मंत्री शांति धारीवाल ने राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे के सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के आरोपों पर पलटवार किया है। UDH मंत्री धारीवाल ने कहा कि वसुंधरा राजे राज्य सरकार की एस्कॉर्ट सुविधा को खारिज कर दें। 
बड़ी बात है कि गुरुवार को वसुंधरा राजे ने राज्य सरकार पर सरकारी तंत्र के दुरूपयोग का आरोप लगाया था। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा ने विधायकों पर अपने पीछे पुलिस की गाड़ी रखने और उनका पीछा करने का आरोप लगाया था। वसुंधरा के आरोपों पर मंत्री धारीवाल ने आज पलटवार किया है। राजधानी जयपुर में मीडिया से बात करते हुए मंत्री धारीवाल ने कहा कि सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के आरोप हमेशा लगते रहते हैं, लेकिन इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है। 
राज्य सरकार ने वसुंधरा राजे को एस्कॉर्ट की सुविधा दी है, वह खुद कम से कम इस सुविधा से इनकार करें। भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत के दावे को लेकर धारीवाल ने कहा कि हर हारने वाला कहता है कि वह जीत रहा है।

वसुंधरा पर लगा था सरकारी तंत्र के दुरूपयोग का आरोप

UDH मंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप हमेशा लगता रहता है। इसका कोई प्रमाण नहीं है। राज्य सरकार ने वसुंधरा राजे को एस्कॉर्ट की सुविधा दी है, वह खुद कम से कम इस सुविधा से इनकार करें। उन्हें कहना चाहिए कि उन्हें एस्कॉर्ट सुविधा की जरूरत नहीं है।  कई विधायकों ने सुरक्षा की मांग भी की है। 
राज्य सरकार ने उन्हें सुरक्षा भी दी है। वे समझते हैं कि उनके पास एक CID ​​रखी गई है, उसका क्या इलाज है। जहां तक ​​उनका दावा है कि उनके दोनों उम्मीदवार घनश्याम तिवारी और सुभाष चंद्रा जीत रहे हैं, हर हारने वाला कहता है कि वह जीत रहा है। 

4 सीटों के लिए 10 जून को होगा मतदान

गौरतलब है कि राजस्थान राज्यसभा की 4 सीटों पर 10 जून को मतदान होना प्रस्तावित है। कांग्रेस ने इसके लिए 3 उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला, प्रमोद तिवारी और मुकुल वासनिक को मैदान में उतारा है। बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवार घनश्याम तिवारी को मैदान में उतारा गया है। जबकि उद्योगपति डॉ. सुभाष चंद्रा भी भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में हैं।  
विधायकों की ताकत के मामले में कांग्रेस पार्टी दो सीटें जीत सकती है। एक सीट पर बीजेपी की जीत पक्की मानी जा रही है, लेकिन एक सीट पर समस्या अटकी हुई है। इस सीट पर दोनों राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

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