एक तरफ जहां वो खुद डोर-टू-डोर कैंपेन चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शाह दिवारों पर पोस्टर चिपका कर अपने कार्यकर्ताओं में नई उर्जा के संचार करने की कोशिश कर रहे हैं।
अगले महीने होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरह से राहुल गांधी ने गुजरात में प्रचार कमान संभाली है उससे राज्स में कांग्रेस का अंडर करंट दिखने लगा है। हाल ही में कांग्रेस के इंटरनल सर्वे में जैसे ही पार्टी को 110-120 सीटें मिलने की बात सामने आई उससे कांग्रेसियों का उत्साह और बढ़ गया है। राहुल के अक्रामक प्रचार को देखते हुए इधर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कमान सीधे अपने हाथों में ले ली है। अमित शाह गुजरात की जनता को साधने के लिए खुद मैदान में उतर चुके हैं। एक तरफ जहां वो खुद डोर-टू-डोर कैंपेन चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शाह दिवारों पर पोस्टर चिपका कर अपने कार्यकर्ताओं में नई उर्जा के संचार करने की कोशिश कर रहे हैं।
हाल ही में मध्यप्रदेश के चित्रकुट विधानसभा सीच पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। हालांकि ये सीट कांग्रेस की पारंपरिक सीट रही है। इस सीट पर कभी बीजेपी जीत नहीं पाई है, लेकिन गुजरात चुनाव से ठीक पहले इस जीत को कांग्रेस एक बड़ी जीत की तरह प्रोजेक्ट कर रही है।
गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली है। इस बार राहुल गांधी गुजरात के हर मंदिरों में जा रहे हैं और भगवान का आशिर्वाद ले रहे हैं। ऐसे में बीजेपी के हिंदु वोट बैंक पर निशाना साधने की कोशिश अगर सफल होती है तो कांग्रेस को फायदा मिल सकता है।
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