प्रयागराज कुंभ मेला 2025: 14 सालों से हाथ ऊपर उठाए राधे पुरी बाबा ने बनाई अनोखी पहचान
क्या आपने कभी किसी ऐसे साधु के बारे में सुना है जिसने 14 सालों से अपना हाथ ऊपर उठा रखा हो? जी हाँ, प्रयागराज कुंभ मेला 2025 में शामिल होने वाले राधे पुरी बाबा ने अपने इस अद्भुत हठ योग से दुनिया को चकित कर दिया है। आइये जानते हैं उनकी अद्भुत कहानी के बारे में!
राधे पुरी बाबा का अद्भुत हठ योग
मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी राधे पुरी बाबा ने साल 2011 से विश्व कल्याण के लिए एक अनोखा तप शुरू किया। उन्होंने अपना दाहिना हाथ ऊपर उठाकर रखा है, जिससे उनका हाथ सुन्न हो गया है और नाखून काफी लंबे हो गए हैं। यह हठ योग इतना कठिन है कि हर कोई इसे देखकर दंग रह जाता है।
कुंभ मेले में अजब-गजब साधुओं की मौजूदगी
प्रयागराज कुंभ मेला 2025, 13 जनवरी से शुरू हो रहा है। इस मेले में देश-विदेश से साधु-संत आते हैं, जिनमें से कई अपनी अनोखी तपस्या और जीवन शैली के लिए जाने जाते हैं। राधे पुरी बाबा भी इनमें से एक हैं, जो अपनी अद्भुत तपस्या से लोगों को प्रेरणा देते हैं।
राधे पुरी बाबा का संदेश: विश्व कल्याण
राधे पुरी बाबा के इस कठिन हठ योग के पीछे उनका एक ही लक्ष्य है – विश्व कल्याण। वे मानते हैं कि उनकी तपस्या से दुनिया में शांति और खुशहाली आएगी। उनका दृढ़ संकल्प और समर्पण वाकई काबिले तारीफ है।
कुंभ मेले में शामिल होने का अवसर न चूकें
प्रयागराज कुंभ मेला एक अनोखा अनुभव है। यहां आपको तरह-तरह के साधु-संत, अद्भुत तपस्याएं, और आध्यात्मिकता का सागर देखने को मिलेगा। अगर आप आध्यात्मिकता में रूचि रखते हैं तो कुंभ मेले में शामिल होना न भूलें! यह एक ऐसा अनुभव होगा जिसे आप कभी नहीं भुला पाएंगे।
राधे पुरी बाबा: प्रेरणा का स्रोत
राधे पुरी बाबा का जीवन लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। उनके दृढ़ संकल्प और समर्पण हमें अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने की सीख देते हैं। चाहे जीवन में कितनी ही कठिनाइयाँ आएँ, हमें दृढ़ निश्चयी बने रहना चाहिए।
बाबा का संदेश: विश्व शांति और प्रेम
राधे पुरी बाबा का संदेश स्पष्ट है – विश्व शांति और प्रेम। वे सभी लोगों को एकजुट होने, प्रेम और सद्भावना फैलाने और दुनिया में शांति स्थापित करने का आह्वान करते हैं।
कुंभ मेला 2025: आस्था और आध्यात्मिकता का संगम
कुंभ मेला 2025 एक ऐसा अवसर है जहाँ आस्था और आध्यात्मिकता का संगम होता है। लाखों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं और राधे पुरी बाबा जैसे साधु-संतों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
कुंभ मेले का महत्व
कुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है, जो हर 12 साल में प्रयागराज में लगता है। यह मेला आस्था और अध्यात्म से जुड़ा हुआ है। यहां लोग पवित्र स्नान करते हैं और अपनी मनोकामनाएँ पूरी करने की कामना करते हैं।
Take Away Points
- प्रयागराज कुंभ मेला 2025 में 14 सालों से हठ योग कर रहे राधे पुरी बाबा शामिल होंगे।
- बाबा का लक्ष्य विश्व कल्याण है।
- कुंभ मेला आस्था और आध्यात्मिकता का संगम है।
- राधे पुरी बाबा का जीवन लोगों के लिए प्रेरणा है।

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