डेस्क। राजस्थान में विधानसभा का चुनाव वैसे तो इस वर्ष के अंत में होना है पर साथ ही राजनीतिक दल तैयारी में जुट गए हैं। भीलवाड़ा में गुर्जर समाज के देवता माने जाने वाले भगवान देवनारायण के 1111 वी जयंती में पीएम नरेंद्र मोदी खुद शामिल हो रहे हैं।वैसे तो यह एक सरकारी यात्रा है। पर राजनीतिक तौर पर इसे अहम माना जा रहा है। भीलवाड़ा के आसींद उपमंडल के मालासेरी में प्रसिद्ध देवनारायण डूंगरी मंदिर में पूजा-अर्चना और सभा को संबोधित भी करने वाले हैं।
साथ ही जानकार यह बताते हैं कि गुर्जर समाज की भगवान देवनारायण में आस्था है और राजनीतिक दलों को लगता है कि उनके सहारे उनकी नैया पार भी हो सकती है। राजस्थान की राजनीति में गुर्जर समाज की भूमिका काफी प्रभावी रहती है और बीजेपी के रणनीतिकारों को ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट की काट के लिए ऐसा करना काफी जरूरी भी है।
चार महीनों में राजस्थान की होगी तीसरी यात्रा
पिछले चार महीनों में यह प्रधान मंत्री मोदी की राजस्थान की तीसरी यात्रा होगी और इस यात्रा को राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है, जहां इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं वहीं नवंबर 2022 में, आदिवासी नेता गोविंद गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए मोदी ने बांसवाड़ा जिले के मानगढ़ धाम का दौरा भी किया जाएगा। साथ ही अक्टूबर में जनसभा के लिए सिरोही जिले का दौरा भी किया गया था।
देवनारायण हैं भगवान विष्णु का अवतार
देवनारायण को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है और उनका जन्म 10वीं शताब्दी में मलसेरी में हुआ था। वहीं यह पीएम की ‘धार्मिक’ यात्रा है, और बीजेपी की नजर इस कार्यक्रम में मोदी की मौजूदगी से राजनीतिक लाभ लेने पर भी है। उम्मीद है कि पीएम काशी, अयोध्या और उज्जैन की तर्ज पर आसींद अनुमंडल में देवनारायण कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी कर सकते हैं। साथ ही केंद्र से अनुसंधान और सर्वेक्षण दल पहले ही इस क्षेत्र का दौरा कर भी चुके हैं और देवनारायण से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों, साहित्य और धार्मिक दस्तावेजों का अध्ययन भीं कर रहे हैं। वहीं राजस्थान के अलावा, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर में गुर्जरों की काफी मौजूदगी भी है।
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