नई दिल्ली। पीएम मोदी ने संविधान दिवस के मौके पर दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि समय के साथ हमारे संविधान ने हर परीक्षा को पास किया है. हमारा संविधान संवेदनशील और लचीला है. आज का दिन देश के संविधान निर्माताओं को नमन करने का दिन है. उन्होंने कहा कि हम रहें या ना रहें, लेकिन हम देश को ऐसी व्यवस्था देंगे, जिससे देश सुरक्षित रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि हर चुनौती का हल हमारे सविधान में दिया गया है. ऐसा कोई विषय नहीं जिसकी व्याख्या और दिशा-निर्देश भारतीय सविंधान में ना मिलते हों. पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे नौजवान देश है. इस नौजवान ऊर्जा को दिशा देने के लिए देश की हर संवैधानिक संस्था को मिलकर काम करने की आवश्यकता है. भारत को 21वीं सदी में नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा।
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पीएम के मुताबिक, आजादी के बाद के 68 वर्षों में संविधान ने हमें अभिभावक की तरह सही रास्ते पर चलना सिखाया है. हमारा संविधान जितना जवाबदेह है, उतना सक्षम भी है. स्वतंत्रता के बाद जब करोड़ों लोग नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ने का सपना देख रहे हों तो उस समय देश के सामने एक ऐसा संविधान प्रस्तुत करना जो सभी को स्वीकार्य हो आसान काम नहीं था।
उन्होंने कहा कि संविधान की इसी शक्ति को समझते हुए संविधान सभा के अंतरिम चेयरमैन सचिदानंद सिन्हा जी ने कहा था कि मानव द्वारा रचित अगर किसी रचना को अमर कहा जा सकता है तो वो भारत का संविधान है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने बोला था कि ये वर्केबल और फ्लेक्सेबल है, इसमें देश को एकजुट रखने की ताकत है. बाबा साहेब ने ये भी कहा था कि संविधान के सामने रखकर अगर कुछ गलत होता भी है तो उसमें गलती संविधान का पालन करवा रही संस्था की होगी. संविधान ने देश को लोकतंत्र के रास्ते पर बनाए रखा है।
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