Pakistan: पाकिस्तान आज अपनी आजादी का 75 वां जश्न मना रहा है। पाकिस्तान के लोगो के लिए आजादी का मतलब भारत से बिल्कुल अलग है। यहां अलग अलग तमगे के लोग आजादी को अलग अलग नजरिए से देखते है। जहां जिन्ना ने पाक के गठन के बाद अपने पहले भाषण में कहा था कि हम विश्व स्तर पर अपने देश को शान्ति का प्रतीक बनाएंगे और यह साबित करेंगे की हमसे किसी को कोई खतरा नही है। वही पाकिस्तान ने जिन्ना की मौत के बाद से पाक की परिभाषा को बदल दिया और पाकिस्तान अब आतंक के रूप में देखा जाता है।
पाकिस्तान आज आजादी का 75 वां जश्न मना रहा है। लेकिन पाकिस्तान में हिन्दू और अल्पसंख्यक की स्थिति बेहद खराब है। लोगो के मन मे डर है। उन्हें अपनी बात रखने की आजादी नही है और उनके लिए कोई नियम व कानून नही है। पाकिस्तान में हिंदुओं और अल्पसंख्यको का शोषण होता है। यदि वह इसका विरोध करते हैं तो उन्हें मौत को गले लगाना पड़ता है।
एक सर्व की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में हिंदुओं की दशा बेहद खराब है। उन्हें हर पल प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। हिन्दू बच्चियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जाता है उनपर अत्याचार होते हैं। उन्हें उनके धर्म का अनुसरण करने के लिये सजा मिलती है। वही हर मुस्लिम हिंदुओं को नफरत की नजर से देखता है और उन्हें पाकिस्तान का नागरिक नही मानता है।
जाने क्या है पाकिस्तान में हिन्दू की दशा:-
बीबीसी के रिपोर्टर ने जब पाकिस्तान के अल्पसंख्यक और हिन्दू समाज से बात की तो ऐसे खुलासे हुए जिन्हें सुनकर आप दंग रह जाएंगे। हिन्दू समुदाय की पाकिस्तानी डॉक्टर वर्षा कंवल कहती है हमारे साथ पाकिस्तान में सामान्य व्यवहार नही होता। यहां हमारे लिए अपने जैसा कुछ नही है। सुरक्षा के नाम पर हमारे साथ खिलवाड़ हो रहा है। कोई भी आकर हमारी बच्चियों को उठा ले जाता है रातों रात उनकी शादी अधेड़ अदामी से करवा दी जाती है। बाद में हमे कागजात दिये जाते हैं कि हमारी बच्ची 18 साल की थी और उसे एक 50 साल के अधेड़ उम्र के व्यक्ति से प्रेम हो गया और उसने धर्म परिवर्तन कर उससे शादी कर ली।
एक अन्य अल्पसंख्यक ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तान में कभी हमे अपनापन महसूस नही हुआ। हमे हर व्यक्त यह महसूस करवाया गया कि हम गद्दार है हमने पाकिस्तान को कभी अपना देश नही समझा। वही अगर हम उनके खिलाफ कुछ बोल दे तो हमारे साथ दुर्व्यवहार होता है हमे भारत चले जाने की धमकी दी जाती है। कुछ लोग हैं जो हमारे साथ अच्छा व्यवहार करते हैं लेकिन वह इसे सबके सामने जाहिर नहीं कर सकते क्योंकि अगर वह लोग ऐसा करते हैं तो पाकिस्तान में उनका भी शोषण होता है।
क्या बदलाव चाहते हैं पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दू :
पाकिस्तान की हालात आज बेहद खराब है। यहां हिंदुओ के साथ जैसा व्यवहार किया जाता है उसे सुनकर ह्रदय कांप उठता है। हिंदुओं और अल्पसंख्यक के पास पाकिस्तान में न तो सुरक्षा है और न आजादी। पाक की आजादी को 75 साल हो गए हैं लेकिन पाकिस्तान में रहने वाले लोग गुलामी की बेड़ियों में जकड़े है। पाकिस्तान के लोग अब देश की बदली हुई छवि देंखने को व्याकुल है। वह चाहते हैं कि पाक अन्य देशों की तरह विकास पथ पर आगे बढ़े। सभी को समान अधिकार प्राप्त हो। बच्चो का शोषण रुक जाए। महिलाओं को अपनी बात प्रखरता के साथ रखने की आजादी हो।
हिंदुओ का शोषण न हो उन्हें दुश्मन की नजर से न देखा जाए और नफरत के साथ उनके साथ बदसलूकी न हो। उन्हें बार बार पाकिस्तान का दुश्मन न कहा जाए और देश छोड़ने के लिये न मजबूर किया जाए। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक और हिंदुओं की यही ख्वाहिश है कि अब पाक में बदलाव की हवा चले और पाकिस्तान को अपनी कमियों से सीख मिले। जिससे वह अपनी एक अच्छी छवि विश्व स्तर पर बना सके और सभी को समान अधिकार दे सके।
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