Pakistan Economic Crisis: भारत के पड़ोसी देश इस समय आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। श्री लंका में बिगड़ी अर्थव्यवस्था के चलते लोग तहिमाम कर रहे हैं। वही अगर हम पाकिस्तान की बात करे तो यहां की आर्थिक स्थिति काफी खराब चल रही है। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने कीं स्थिति में है। लोग महंगाई से काफी परेशान है। रोजमर्रा की चीजें दुगने दाम में बिक रही है। इन सब के बीच पाकिस्तान के सामने आईएमएफ (Pakistan IMF Deal) से पैसे पाने के लिए 4 बिलियन डॉलर जुटाने का टारगेट है।
पाकिस्तान अब यह योजना बना रहा है कि वह अपनी सरकारी कम्पनियों को।अन्य देशो के हाथ बेच देगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल (Miftah Ismail) ने एक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आर्थिक गैप को भरना चाहता है। आईएमएफ (Pakistan IMF Deal) से पैसे पाने के लिए 4 बिलियन डॉलर जुटाने का टारगेट है। अब इस भरपाई को करने के लिये सरकार मित्र देशो से सहारा लेगी। सरकार अब एक बिल में संसोधन कर सरकारी कम्पनियों को मित्र देशो के हाथ बेच देगी।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने दावा किया है कि पाक नियम व शर्तों के अनुसार पाकिस्तान की कम्पनी अन्य देशों को बेचेगी। वही जब वह इस आर्थिक संकट से उभर जाए तो वह अपनी कम्पनी को वापस खरीद सकें। उन्होंने कहा आयात पर लगा प्रतिबंध जल्द ही हटा लिया जाएगा।आईएमएफ के साथ स्टाफ लेवल पर एग्रीमेंट में जिन बातों पर सहमति बनी, वे सारे कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। अगस्त में इसकी पहली किस्त हमे मिलेगी।
उन्होंने कहा, मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस (Ministry Of Law&Justice) के द्वारा प्रस्तावित ‘इंटर-गवर्नमेंट कॉमर्शियल ट्रांजेक्शन एक्ट 2022’ को मंजूरी दे दी गई है. विधेयक को संसद की संबंधित स्थाई समिति के पास भेज दिया गया है. इस विधेयक के आने से विदेशी निवेशकों का निवेश बढ़ेगा और हमारे व्यापार का विस्तार होगा।
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