Delhi News नई दिल्ली । हरिजन शब्द का इस्तेमाल अब दिल्ली में किसी भी कॉलोनी या इलाके के नाम के लिए नहीं किया जाएगा। बल्कि इसके स्थान पर अब डॉ. अम्बेडकर का नाम लिया जाएगा। दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने गुरुवार को एक बैठक के दौरान इसकी अधिसूचना जारी की। साथ ही इसे जल्द पास करने के भी निर्देश दिए गए। गौतम ने कहा कि जल्द ही हरिजन शब्द को गलियों, कॉलोनियों, मोहल्लों, क्लीनिकों और डॉ. अम्बेडकर से हटा दिया जाएगा।
हरिजन शब्द बदलने वाला देश का पहला राज्य
गौतम ने कहा कि दिल्ली इस शब्द पर प्रतिबंध लगाने वाला देश का पहला राज्य है। कई लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि यह शब्द आपत्तिजनक और अपमानजनक है।
संसदीय समिति ने की नाम बदलने की सिफारिश
उन्होंने कहा कि एक संसदीय समिति ने अप्रैल 2018 में सिफारिश की थी। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अनुसूचित जाति समुदायों के लोगों का जिक्र करते हुए सभी विभागों, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से ‘दलित’ और ‘हरिजन’ शब्दों का इस्तेमाल बंद करने को कहा था।
2019 से कोशिश कर रहे हैं
आम आदमी पार्टी 2019 से इस दिशा में काम कर रही है। दिल्ली एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण विभाग ने शहरी विकास विभाग को पत्र लिखकर इस बात पर जोर दिया है कि यह अपमानजनक शब्द है और एससी के लोग इसे पसंद नहीं करते हैं। हालांकि यह प्रक्रिया पहले पूरी हो जाती, लेकिन कोविड के कारण इसमें देरी हुई। इसने कानून विभाग के अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया, जिसके बाद एक अधिसूचना जारी की जाएगी।
इन जगहों के नाम बदलेंगे
विकासपुरी, पालम और कोंडिली सहित कई ‘हरिजन बस्ती’ हैं। दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी इलाके में हरिजन कॉलोनी भी एक गली है।
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