उत्तर कोरिया ने पानी के भीतर परमाणु हमला करने में सक्षम ड्रोन का किया परीक्षण

उत्तर कोरिया ने शनिवार को कहा कि उसने इस सप्ताह पानी के नीचे परमाणु हमला करने में सक्षम ड्रोन का एक और परीक्षण किया है, जिससे इस हथियार की विश्वसनीयता और घातक मारक क्षमता की पुष्टि हुई है। प्योंगयांग की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने 4-7 अप्रैल के बीच हाइल-2 अंडरवाटर रणनीति हथियार प्रणाली का परीक्षण किया।

योनहाप समाचार एजेंसी ने केसीएनए के हवाले से कहा, यह प्रणाली उत्तर कोरिया के सशस्त्र बलों की एक लाभप्रद और संभावित सैन्य क्षमता के रूप में काम करेगी, जो दुश्मनों की सभी विकसित सैन्य कार्रवाइयों को रोकने, खतरों को दूर करने और देश की रक्षा के लिए आवश्यक है। एजेंसी ने बताया कि परीक्षण ड्रोन को मंगलवार को दक्षिण हैमयोंग प्रांत में एक बंदरगाह से पानी में उतारा गया था। इसने अंडाकार और 8-आकार का रास्ता तय करते हुए 71 घंटे और छह मिनट में 1000 किलोमीटर की दूरी तय कर पानी के अंदर मौजूद एक परीक्षण वारहेड पर सटीक निशाना लगाया।

उत्तर कोरिया ने 24 मार्च को पहली बार पानी के अंदर हमला करने में सक्षम ड्रोन हाइल के परीक्षण की बात सार्वजनिक की थी। उसका दावा है कि यह गुप्त हथियार रेडियोधर्मी सुनामी उत्पन्न करने और दुश्मनों पर छिपकर हमला करने में सक्षम है।उत्तर कोरियाई प्रशासन ने 28 मार्च को हॉसन-31 सामरिक परमाणु हथियार के बारे में पहली बार जानकारी उजागर की और दावा किया कि उसने एक दिन पहले ही हाइल-1 ड्रोन से पानी के नीचे विस्फोट करने का परीक्षण किया है।

पर्यवेक्षकों का मानना है कि नवीनतम परीक्षण में हथियार के नाम में बदलाव को देखते हुए ऐसा लगाता है कि उत्तर कोरिया ने इस सप्ताह हाइल के उन्नत संस्करण का परीक्षण किया है।उत्तर कोरिया ने हाल में सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। उसने हॉसन-31 सामरिक परमाणु हथियार का अनावरण किया और एक पनडुब्बी से क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया। पर्यवेक्षकों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया इस महीने प्रमुख वर्षगांठों के मौकों पर अपने हथियारों के परीक्षण कर सकता है। उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल को देश के संस्थापक दिवंगत किम इल-सुंग का 111वां जन्मदिन है।

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