डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को शराब पीने वालों के खिलाफ एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्हेंने शराब का सेवन करने वालो को “महापापी” कहा, राज्य विधानसभा में सरकार द्वारा आए गए बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2022 को पहली बार “शराब पीने वालों” पर लगाए गए दंड पर डायल करने के लिए पारित किया गया।
नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा, “अगर वे राष्ट्रपिता बापू (महात्मा गांधी) के आदर्शों का पालन नहीं करते हैं, तो मैं उन्हें भारतीय नहीं मानता।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग बापू की नहीं सुनते हैं वे “महापापी और महायोग” (महान पापी और अयोग्य) हैं।”
आगे कुमार ने कहा कि बिहार में 2018 तक सरकार द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार 1 करोड़ 74 लाख लोगों ने शराब पीना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य इससे होने वाली आय के कारण शराब पर प्रतिबंध नहीं लगाते हैं, लेकिन “अगर कोई शराब पर पैसा बर्बाद करता है, तो वह शराब पीना बंद कर देता है, वह उस पैसे का इस्तेमाल अपने घर को चलाने के लिए करेगा”।
विधानसभा द्वारा ध्वनि मत से पारित विधेयक को अब राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार होगा, जिसके बाद पहली बार अपराध करने वालों को जुर्माना जमा करने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट से जमानत मिल जाएगी। हालांकि, यदि व्यक्ति इसका भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे एक महीने की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
Leave a Reply