डेस्क। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को नागुपर में नौकरशाही पर जमकर हमला बोला इसी कड़ी में बोलते हुए वो कुछ ऐसा बोल गए जिसपर विवाद मच गया है। उन्होंने नौकरशाहों पर बरसते हुए कहा कि मंत्री आपके हिसाब से नहीं बल्कि आप मंत्रियों के हिसाब से काम करेंगे।
बता दें कि नागपुर में महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि मैं ब्यूरोक्रेट्स को हमेशा सलाह देता हूं कि सरकार आपके हिसाब से नहीं चलती।
गडकरी ने कहा कि, ‘अफसरों से मैं हमेशा यह कहता हूं कि आपके कहने के अनुसार सरकार काम नहीं करेगी। आपको सिर्फ ‘जी सर’ कहना होता है। आपको वही चीजें लागू करनी होंगी जो, हम यानी की मंत्री कह रहे हैं। सरकार हमारे मुताबिक चलेगी न की आपके।’ उन्होंने आगे कहा कि, “मैं जानता हूं कि गरीबों की भलाई के रास्ते में कोई कानून नहीं आता पर अगर ऐसे रास्ते में कोई कानून आता भी है तो उसे 10 बार भी तोड़ने के में हमें संकोच नहीं करना चाहिए।”
गडकरी ने तहरीर दी कि गांधी जी भी कहते थे कि यदि कानून गरीबों के विकास का रास्ता रोकें तो उन्हें तोड़ देना चाहिए। नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि 1995 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली व मेलघाट क्षेत्र में कुपोषण के चलते हजारों आदिवासी बच्चों की मौत हुई क्योंकि गांवों में सड़कें नहीं थीं और सड़कें बनाने के लिए वन कानून इसमें रोड़ा बन रहा था। उन्होंने इसका जिक्र करते हुए जनहित व जनता की भलाई के लिए कानून तोड़ने या उन्हें दरकिनार करने की बात कही थी।
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