NIRBHAYA GANGRAPE CASE : मुकेश की एक और चाल फांसी से बचने की ! फिर दाखिल करना चाहता है याचिकाएं

NIRBHAYA GANGRAPE CASE : मुकेश की एक और चाल फांसी से बचने की ! फिर दाखिल करना चाहता है याचिकाएं

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को निर्भया कांड के चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी किया है। उन्हें 20 मार्च को फांसी देने की तारीख तय की गई है। इससे पहले भी तीन बार डेथ वारंट जारी किया गया था, लेकिन दोषियों ने कोई न कोई कानूनी हथकंडा अपनाकर इन तारीखों पर खुद को फांसी पर लटकने से बचा लिया था। हालांकि ऐसा लग रहा है कि उन्होंने अभी भी उम्मीद नहीं छोड़ी है।

ताजा घटनाक्रम में चार में से एक दोषी मुकेश सिंह जुलाई 2021 तक क्यूरेटिव और दया याचिका दाखिल करने की अनुमति चाहता है। मुकेश ने दावा किया है कोर्ट द्वारा नियुक्त कानूनी सलाहकार वृंदा ग्रोवर ने उसे उपचारात्मक और दया याचिकाओं पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया। उसने कहा कि वृंदा ने झूठे तरीके से उसे जानकारी दी कि अदालती आदेशों के तहत उसे सात जनवरी को डेथ वारंट जारी होने के सात दिन में एक क्यूरेटिव याचिका दाखिल करनी है।

एडवोकेट एमएल शर्मा के माध्यम से दायर याचिका में मुकेश ने दया याचिका दायर करने की तारीख से तीन साल पहले क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने की सीमा अवधि का दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी रिव्यू पिटीशन को जुलाई 2018 में ही खारिज कर दिया था।

अब मुकेश उसे उपलब्ध अधिकारों को बहाल करने के लिए और जुलाई 2021 तक क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका दायर करने की अनुमति देने की मांग कर रहा है। मुकेश के वकील एमएल शर्मा की ओर से अर्जी दाखिल कर भारत सरकार, दिल्ली सरकार और एमिकस क्यूरी (कोर्ट सलाहकार) को प्रतिवादी बनाया गया है। अर्जी में कहा गया है कि उसे साजिश का शिकार बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि 20 मार्च को मुकेश के साथ विनय, पवन और अक्षय को फांसी पर लटकाया जाएगा।

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