NIRBHAYA GANGRAPE CASE : कोर्ट ने जेल से मांगी रिपोर्ट दोषी पवन पर हमले के मामले में

NIRBHAYA GANGRAPE CASE : कोर्ट ने जेल से मांगी रिपोर्ट दोषी पवन पर हमले के मामले में

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया मामले में गुरुवार को मृत्युदंड के भागी करार दिए जा चुके दोषियों में से एक पवन गुप्ता की शिकायत पर मंडोली जेल अधिकारियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है। पवन ने दो पुलिसवालों पर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी।

मेट्रोपॉलिटन न्यायाधीश प्रयांक नायक ने 8 अप्रैल तक जेल अधिकारियों से एटीआर मांगी है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का अगले मामले पर कोई असर नहीं होगा। इस मामले के कारण फांसी को नहीं रोका जाएगा।

कोर्ट ने कल जेल अधिकारियों से पवन के उस आवेदन पर जबाव मांगा था, जिसमें पवन ने हर्ष विहार पुलिस स्टेशन के एसएचओ से अनिल कुमार और एक अन्य पुलिस कांस्टेबल पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। पवन ने आरोप लगाया है कि उसे पिछले साल 26 से 28 जुलाई के बीच लाठी और घूंसे से पूरे शरीर पर वार किए गए थे।

पवन ने अपने आवेदन में कहा है, उन्होंने मुझे धीरे-धीरे जान से मारने की धमकी भी दी थी। उसने आगे बताया कि सिर में चोट के कारण उसका शहादरा के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में इलाज भी किया गया था। इसके बाद जेल अधिकारियों ने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया। दोषियों को बाद में तिहाड़ की जेल नंबर-3 में स्थानांतरित कर दिया गया था। पवन को अन्य 3 दोषियों अक्षय, मुकेश और विनय के साथ 20 मार्च को सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जानी है।

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