इस कानून में जल्द ही बदलाव कर सकती है मोदी सरकार

डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार दिवाला कानून में कई बदलाव लाने की तैयारी में है। वहीं इसके तहत सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को तेज करना और इसके पहले से निर्धारित ढांचे के दायरे को बढ़ाना है।
वर्ष 2016 में अस्तित्व में आई दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) दबाव वाली परिसंपत्तियों का बाजार आधारित और तय समय में समाधान भी करना है। इस संहिता में पहले की कई संशोधन किए जा चुके हैं।
मंत्रालय ने इस बयान में कहा, ”आईबीसी के कामकाज को मजबूत करने के लिए कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) आवेदन दाखिल करने को लेकर संहिता में बदलाव पर विचार भी किया जा रहा है।
वहीं इसके अलावा संहिता में दिवाला समाधान प्रक्रिया को सुसंगत करने, समापन की प्रक्रिया को नए सिरे से बनाने और सेवाप्रदाताओं की भूमिका में बदलाव पर विचार भी किया जा रहा है। साथ ही अन्य बदलावों के साथ कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने अत्याधुनिकि इलेक्ट्रॉनिक मंच बनाने का सुझाव भी दिया है, जिसमें मानवीय दखल सीमित भी हो। 

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