ईडी की छापेमारी में 13.7 करोड़ रुपये जब्त, मालेगांव हवाला मामले में बड़ा खुलासा!
क्या आप जानते हैं कि मालेगांव में एक ऐसे हवाला और अवैध बैंक लेनदेन के नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन शामिल है? प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताज़ा कार्रवाई ने इस पूरे मामले को उजागर किया है, जिसमें 13.7 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं। यह मामला इतना चौंकाने वाला है कि आपके होश उड़ जाएंगे! इस लेख में हम इस पूरे मामले के रोमांचकारी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
मजदूरों के पहचान पत्र और करोड़ों का गोरखधंधा
इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपियों ने मजदूरों के पहचान पत्रों का इस्तेमाल करके बैंक खाते खोले और फिर इन खातों का उपयोग लगभग 196 करोड़ रुपये के लेनदेन के लिए किया गया। यह कितना बड़ा घोटाला है, जिसका अंदाज़ा आप लगा सकते हैं। पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी, मालेगांव निवासी सिराज मेमन को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन सिर्फ मेमन ही इस नेटवर्क का अकेला खिलाड़ी नहीं था। इस पूरे मामले में कई और लोग शामिल हैं जिन्होंने अपनी भूमिका अदा की।
गुप्तचर एजेंसियां भी जांच में जुटी
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे खेल में कुछ बड़े-बड़े नाम शामिल हैं, जो काफी अमीर हैं और इनसे देश के हित को खतरा हो सकता हैं, इसलिए अब गुप्तचर एजेंसियां भी मामले में जाँच कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि यह मामला बहुत जटिल है और अभी और कई खुलासे होने बाकी हैं।
ईडी की कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
ईडी ने इस सप्ताह भेसनिया वलीमोहम्मद को भी गिरफ्तार किया है। वलीमोहम्मद, एक साधारण वेतनभोगी कर्मचारी होने के बावजूद, इस हवाला चैनल के लिए करोड़ों रुपये की निकासी में शामिल था। यहाँ पर सबसे हैरानी की बात है कि उसकी मासिक सैलरी सिर्फ़ 33,000 रुपये थी लेकिन उसने करोड़ों रूपयों का लेनदेन किया! वलीमोहम्मद की पहचान एक कंपनी के MD मोहम्मद समद उर्फ़ ‘चैलेंजर किंग’ से भी जुड़ी हुई है, जो इस मामले में अभी फरार है। वलीमोहम्मद सूरत का रहने वाला है।
कई बड़े-बड़े सवाल
इस पूरे मामले में एक सवाल सबसे अहम है, और वो ये है की इतने करोड़ो रूपये कहां और किसके खाते में ट्रांसफर किए जा रहे थे? पुलिस जांच कर रही है और मामले में शामिल दूसरे लोगों को भी पकड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस के पास ऐसे कई सबूत हैं जिससे कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े होने के संदेह हैं।
घोटाले का पर्दाफाश: कैसे हुआ खुलासा?
इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ जब जिन कर्मचारियों के KYC का इस्तेमाल किया गया था, उन्होंने पुलिस को इस लेन-देन की जानकारी दी। इसके बाद, पुलिस ने चाय की दुकान के मालिक, सिराज मेमन को गिरफ्तार किया जो इस काम का मुख्य साजिशकर्ता था।
आगे की जांच जारी
ईडी ने इस नेटवर्क के पीछे और भी लोगों के शामिल होने का शक जाहिर किया है। इस समय, ईडी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस पूरे मामले के सरगनाओं तक पहुँचने की कोशिश में जुटी हुई है।
अवैध हवाला नेटवर्क का भविष्य
यह मामला एक बहुत बड़े हवाला नेटवर्क के बारे में सबूत देता है, जो कानून को धता बताकर चलता था। ईडी की सतर्कता से इस नेटवर्क को न केवल रोक दिया गया है, बल्कि इसके सरगनाओं को पकड़ने के लिए बड़ी जाँच चल रही है। इस नेटवर्क के उजागर होने से, देश के आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलेगी।
Take Away Points
- ईडी ने मालेगांव के हवाला नेटवर्क में 13.7 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।
- इस नेटवर्क में मजदूरों के KYC का इस्तेमाल किया गया था।
- मुख्य आरोपी सिराज मेमन गिरफ्तार किया जा चुका है।
- ईडी इस नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
- यह मामला एक बड़े आर्थिक अपराध की ओर इशारा करता है।

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