मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम को आए आज दिन गुजर जाने के बाद भी वहां सरकार का गठन नहीं हो सका है। क्योंकि जिस भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला है उनके बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर नुरा-कुश्ती चल रही है। दोनों दल अपनी-अपनी शर्तों के हिसाब से सरकार बनाने के मूड में हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि राज्य के पूरे सियासी समीकरण बदलते जा रहे हैं। कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन भी सत्ता की दौड़ में नजर आने लगे हैँ और लंबे समय से चली आ रही ये खींचतान दिल्ली तक पहुंच गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। फडणवीस का यह प्लान ऐसे वक्त में बना है जब सहयोगी शिवसेना ने खुले तौर पर अपने बागी रुख अपना लिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया है कि शिवसेना के पास 170 विधायकों का समर्थन है यानी वह सरकार बनाने की स्थिति में है। सिर्फ इतना ही नहीं, शिवसेना सार्वजनिक तौर पर बीजेपी की आलोचना भी कर रही है और उसके नेता महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होने का दावा कर रहे हैं।
शिवसेना के पास बीजेपी को छोड़कर उसे कांग्रेस और एनसीपी दोनों का समर्थन मिलने के बाद ही ये सीट संख्या बन सकती है। इस बीच एनसीपी के प्रमुख शरद पवार भी आज दिल्ली पहुंच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार महाराष्ट्र मुद्दे पर कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने जा रहे हैं।
भाजपा के खिलाफ शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर महाराष्ट्र के नेता लगातार बयान दे रहे हैं। एनसीपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेताओं की तरफ से इस बात के संकेत भी दिए जा चुके हैं। शिवसेना को मनाने के लिए अमित शाह और फडणवीस की मुलाकात में क्या सत्ता की भागीदारी को लेकर कोई और फैसला लिया जा सकता है या कांग्रेस-एनसीपी विपक्ष में बैठने के बजाए शिवसेना के साथ सत्ता की भागीदारी बनेगी।
Leave a Reply