वकील रिजवान बोले : आज बदल चुकी है Ghazwa-e-Hind की परिभाषा, चौबीस घंटे होती है अज़ान

 

Ghazwa-e-Hind । गजवा-ए-हिन्द क्या है इसके बारे में मुस्लिम धर्म के जानकार और वकील रिजवान अहमद ने इंडिया टीवी के एक डिबेट शो में लोगों को बताया और साथ ही कई सवालों पर भी एक्सपर्ट राय रखीं। उन्होंने बताया क्या है इस्लाम का एजेंडा, वो बोले  कि हिन्दुओं की तुलना में मुसलमानों की ग्रोथ तेजी से हो रही है।

आगे जब उनसे ये पूछा गया, कि क्या गजवा-ए-हिन्द के मुताबिक आप ये चाहते हैं कि धरती पर हर जगह मुसलमान ही हों? तो इस पर जवाब देते हुए रिजवान अहमद ने बताया कि एक होता है जैसे हिन्दुज्म के लिए दो तरह के लीजेंड्स फेस बंटे हुए हैं। इनमें से एक धर्मांतरण में यकीन रखता है पॉलीसाइजन में और दूसरा इसमें नहीं करता है जैसे की ज्यूस नहीं करते हैं।

आगे जब एंकर ने उनसे ये पूछा कि क्या इस्लाम का धर्मांतरण ये सोच कर किया जाता है कि पूरी दुनिया में केवल इस्लाम धर्म ही होना चाहिए तो उन्होंने बताया कि बिलकुल ये हमारा (मुस्लिम का) मानना होता है कि अगर हम घड़ी से देखें कि 24 घंटे में कहीं न कहीं हर समय अजान हो रही हो यहां मैं आपके साथ बैठा हूं लेकिन दुनिया के किसी न किसी कोने में अजान हो रही होगी। 

आगे वो बोले कि मुस्लिम इस बात को लेकर काफी गर्व भी महसूस करते हैं कि उनकी अजान 24X7 चलती रहती है। इस्लाम धर्म में धर्मांतरण को सबसे बेहतर बताया गया है।

धर्मांतरण को लेकर उन्होंने आगे कहा कि अगर आप किसी आम मुसलमान से इस्लाम के बारे में बताओगे तो वो कभी इसका विरोध नहीं करेगा ज्यादा से ज्यादा वो चुप रहेगा या समर्थन करेगा लेकिन विरोध तो कभी नहीं कर सकता।

रिजवान अहमद ने कहते है कि समय के साथ गजवा-ए-हिन्द की परिभाषा भी बदली है कभी तलवार के साथ हुआ, कभी लालच से हुआ, कभी सूफिज्म के पैगाम की वजह से हुआ लेकिन आज के दौर में ये कॉन्सेप्ट चेंज हुआ है, आप यूरोप, लंदन, ब्रिटेन और भारत में इसको देख सकते हैं। 

वो बताते हैं कि अब धर्मांतरण लोकतांत्रिक तरीके से हो चुका है जिसके मुताबिक हम इस्लाम फैलाएंगे और आपके संविधान के दायरे में रहकर फैलाएंगे। उन्होंने साफ किया इसका ये मतलब नहीं है कि इस्लामिक मुल्क होगा। 

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