Partha Chatterjee: SSC स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को हिरासत में लिया है। पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर मे ईडी को 20 करोड़ रुपये नकद, 20 से अधिक मोबाइल फोन और 50 लाख रुपये का सोना भी बरामद किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार से पूर्व इन दोनों से तकरीबन 26 घण्टे तक पूंछताछ की है।
पश्चिम बंगाल के वाणिज्य और उद्योग विभाग के मंत्री और टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे जब यह घोटाला हुआ है। ईडी द्वारा हुई पूंछताछ के बाद पार्थ चटर्जी की पार्टी ने इस मामले से किनारा कर लिया है। लेकिन अब हर कोई पार्थ चटर्जी का इतिहास जानना चाहता है। तो आइये जानते हैं कौन है पार्थ चटर्जी।
कौन है तृणमूल नेता पार्थ चटर्जी :
पश्चिम बंगाल के वाणिज्य और उद्योग विभाग के मंत्री और टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे जब यह घोटाला हुआ था। यह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव भी रहे हैं। इन्होंने संसदीय कार्य मंत्रालय भी सम्भाल है। वही साल 2014 से यह साल 2021 तक ममता बनर्जी सरकार के कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। इन्होंने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बेहाला पश्चिम से विधायक का चुनाव जीता। यह साल 2011 से पहले तृणमूल कांग्रेस के विपक्षी नेता थे। पार्थ ने साल 2016 से कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी उठाई है।
पार्थ का जन्म 1952 में कोलकाता में हुआ था। पार्थ ने रामकृष्ण मिशन विद्यालय, नरेंद्रपुर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद उन्होंने आशुतोष कॉलेज से अर्थशास्त्र की पढ़ाई पूरी की। कलकत्ता विश्वविद्यालय से एमबीए पूरा करने के बाद, चटर्जी ने एंड्रयू यूल के साथ एक मानव संसाधन पेशेवर के रूप में काम किया। वह कोलकाता में नकटला उदयन दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष भी हैं, जो अपने थीम वाले पंडालों के लिए प्रसिद्ध है। पार्थ को उनकी शिक्षा के बलबूते पर 2016 में शिक्षा मंत्री बनाया गया। इन्हें ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है।
Leave a Reply