शेरघाटी इमामगंज रोड से लूटुआ तक जाने के लिए पक्का रास्ता है. लूटुआ से जटही गांव तक जाने के लिए कच्ची सड़क है. जटही गांव के महादलित टोला में लौंगी भुईयां का कच्चा घर है. अभी तक इन्हें सरकारी योजना से पक्का घर नहीं मिला है. एक स्टील कंपनी ने घर बनाने की शुरुआत की थी, लेकिन अब काम बंद है. लौंगी भुईयां के काम की तारीफ आनंद महिंद्रा से लेकर हर तबके के लोगों ने की थी. आनंद महिंद्रा ने एक ट्रैक्टर दिया था. लौंगी भुईयां ने सरकार से नहर का पक्कीकरण कराने और ट्रैक्टर का ट्रेलर देने की मांग की है.
बिहार के गया जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र बांके बाजार प्रखंड (Banke Bazar Block) के लुटुआ पंचायत के जटही गांव के लौंगी भुईया ने 30 साल की कड़ी मेहनत से अकेले पहाड़ काटकर नहर बना दिया था. उन्होंने नहर बनाकर गांव के तलाब में सिंचाई के लिए पानी पहुंचा दिया था. लौंगी भुईयां के काम की तारीफ पूरे देश में हुई थी.
अब लौंगी भुईयां एक नए मिशन में जुट गए हैं. उनका लक्ष्य है कि तालाब से पानी जटही गांव तक पहुंचे. लौंगी भुईयां जटही गांव में पानी पहुंचाने के लिए लगभग 5 किलोमीटर लंबे नहर की खुदाई कर रहे हैं. पहाड़ की तलहटी से गांव तक पथरीली जमीन है. उस जमीन में दिन- रात मेहनत कर लौंगी गांव तक पानी पहुंचाने में लगे हैं.
लौंगी भुईयां ने कहा, ‘तालाब तक नहर बनाने की शुरुआत मैंने पहाड़ की तलहटी से की थी. पहले पूरे जंगल में कई बार घुमा और मन में नक्शा बनाया. नहर की खुदाई की तो निचले स्तर तक ही पानी पहुंचा. दोबारा नक्शा मन में रखकर निचले स्तर से पानी ऊंचाई तक पहुंचाया. पहाड़ की तलहटी से पानी ऊंचाई तक पहुंच जाए इसलिए नहर में छोटा-छोटा बांध बनाया. उस बांध से पानी एक-एक करके अन्य बांध में जाने लगा. इसके बाद मुख्य तालाब तक पानी पहुंचा.’
Leave a Reply