Karnataka:- केरल हाई कोर्ट ने एक समलैंगिक जोड़े को राहत देते हुए उन्हें साथ रहने की अनुमति प्रदान की है। कोर्ट ने उन्हें यह अनुमति दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दी है। आदिला ने आरोप लगाया कि उनकी साथी फातिमा का उनके रिश्तेदारों ने पिछले हफ्ते कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। इस संबंध में उसने पहले भी पुलिस में शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आदिला और फातिमा सऊदी अरब में पढाई करने गई थी और वही से वह एक दूसरे के सम्पर्क में आई। दोनो में मोहब्बत हुई और फिर उन्होंने साथ रहने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। उनके रिश्ते का परिजनों ने विरोध किया था।
दायर याचिका में आदिला ने कहा था कि 19 मई को वह कोझीकोड पहुंची और फातिमा से मिली। कुछ दिनों तक हम कोझीकोड में एक शेल्टर होम में रहे। घरवालों ने उनको ढूंढ लिया और पुलिस के हस्तक्षेप से उन्हें परेशान किया। परिजनों को उनके साथ रहने पर आपत्ति थी।
आदिला के रिश्तेदारकपल को कोझीकोड से अलुवा ले गए और कुछ दिनों के बाद, फातिमा के रिश्तेदार अलुवा पहुंचे और उसे जबरदस्ती कोझीकोड ले गए। यह जोड़ा कोझीकोड स्थित एनजीओ वनजा कलेक्टिव के सहयोग से कोझीकोड में रहता था।
कोर्ट का फैसला जब समलैंगिक जोड़े के पक्ष में आया तो आदिला ने कहा यह बहुत कठिन था, हमें भावनात्मक रूप से थका दिया गया। लेकिन हमें एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) समुदाय के लोगों का भरपूर समर्थन मिला। केरल हाई कोर्ट के आदेश से हम खुश और स्वतंत्र हैं। दरअसल, हम पूरी तरह आजाद नहीं हैं क्योंकि हमारे परिवार अब भी हमें धमका रहे हैं।
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