मोदी-शी की अनौपचारिक शिखर बैठक से 48 घंटे पहले बुधवार को कश्मीर के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच बयानों में तीखापन देखा गया।
पाकिस्तानी पीएम इमरान खान और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात के बाद पेइचिंग के उस बयान पर नई दिल्ली ने तीखी प्रतिक्रिया दी जिसमें कश्मीर मसले को ‘संबंधित’ यूएन चार्टर के मुताबिक सुलझाने की बात कही गई थी।
चीन के इस बयान कि जम्मू-कश्मीर का विवाद संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए, पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘भारत का हमेशा से और स्पष्ट रुख रहा है कि जम्मू-कश्मीर हमारा अभिन्न हिस्सा है।
चीन भी हमारे रुख से वाकिफ है। भारत के आंतरिक मामले दूसरे देशों की टिप्पणी के लिए नहीं हैं।’
चीन ने कहा कि वह ऐसी किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध करता है, जिससे हालात और जटिल हों। चीन और पाकिस्तान की तरफ से जारी जॉइंट स्टेटमेंट में भले ही कश्मीर विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की बात कही गई है।
लेकिन उसका झुकाव इस्लामाबाद की तरफ साफ दिखा। खास बात यह है कि सरकारी सूत्रों ने कहा है कि मोदी-शी बैठक के दौरान भारत कश्मीर के मसले को नहीं उठाएगा। हालांकि, अगर चिनफिंग कश्मीर पर कुछ सवाल करेंगे तो भारत उन्हें अपने रुख से अवगत कराएगा।
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