दिल्ली| रामनवमी के दिन जेएनयू में हुई हिंसा आ आज धर्मिक रूप सामने आया है। ABVP संगठन से जुड़े छात्रों ने जेएनयू के गेट पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि सभी को स्पेसिफिक विचारों की आजादी है लेकिन आजकल हिन्दू फोबिक कल्चर से लोगो को रंगा जा रहा है। वही यह हिंसा तब हुई जब हमने इस हिन्दू फोबिक संस्कृति को तोड़ने का प्रयास किया।
छात्रों ने कहा जेएनयू कैम्पस में कई सालों से हिन्दू फोबिक कल्चर चल रहा है। जब इस संस्कृति को बदलने के लिए हमने कदम उठाया तो इसने हिंसा का रूप धारण कर लिया। हमारा विरोध उस विचारधारा के विरोध में है। हमे विचारों की आजादी है लेकिन यहां एक स्पेसिफिक कल्चर को प्रमोट किया जा रहा है।
क्योंकि जब यहां महिषासुर जयंती मनती है तो लोगों का जनसैलाब उमड़ता है लेकिन जब लोग राम नवमी मनाते हैं तो एक लेफ्ट पार्टी सुनियोजित तरीके से उसमे विघ्न डालती है और हिंसा को भड़कती है। हमारा आंदोलन उस विचारधारा के विरोध में है जिसमे सिर्फ राम को नहीं पूरे हिन्दू समाज को लक्षित किया जाता है।
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