ईरान: शांति का संदेश देने वाले लेखक को सजा-ए-मौत

डेस्क। Who is Mehdi Bahman: ईरान की कट्टरपंथी सरकार ने एक बार फिर अमन-शांति के पैगाम को मौत की सजा सुना दी है। बता दें सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और धर्म के सह-अस्तित्व की बात करने वाले लेखक को सजा-ए-मौत दे दी गई है।
इसी कड़ी में शांति की बात करने वाले ईरानी लेखक को जासूसी के आरोप में अरेस्ट भी किया गया था। साथ ही उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में सरकार की खिलाफत भी की थी। बता दें ईरान इसके पहले भी सुर्खियों में रहा है जब 22 वर्षीय महसा अमिनी को हिजाब न पहनने को लेकर पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया था और पुलिस प्रताड़ना में उसकी मौत हो गई थी। साथ ही इसके बाद देश ही नहीं पूरे विश्व में महिलाओं ने हिजाब के विरोध में प्रदर्शन शुरु कर दिया था।
सरकार के खिलाफ दिया गया इंटरव्यू
ईरानी लेखक व पेंटर मेहदी बहमन देश में सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर काफी प्रयासरत थे। साथ ही वह देश में सांप्रदायिक सद्भाव व धार्मिक एक्जिस्टेंट को लेकर लोगों तक अपनी बातें भी पहुंचा रहे थे। साथ ही उनको बीते 12 अक्टूबर को अरेस्ट कर लिया गया था और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेहदी बहमन ने 12 अक्टूबर, 2022 को एक इज़राइली न्यूज चैनल को दिए गए ‘शासन-विरोधी’ इंटरव्यू के बाद गिरफ्तार किया था। 
बता दें इस इंटरव्यू में मेहदी बहमन ने ईरान शासन और देश में इस्लामी कानून को लागू किए जाने पर आलोचना करी थी। साथ ही उन्होंने इजरायल और ईरान के बीच संबंधों को सामान्य करने का भी आह्वान करा था। साथ ही बता दें यह इंटरव्यू उन्होंने अप्रैल 2022 में एक न्यूज चैनल को दी थी।
वहीं मेहदी बहमन ने विभिन्न धर्मों के प्रतीकों वाली कलाकृतियों को बनाने में एक धर्मगुरु के साथ काम भी किया था। साथ ही असंतुष्ट शिया धर्मगुरु मासूमी तेहरानी के साथ मेहदी बहमन ने विभिन्न धर्मों के प्रतीकों को बनाया है। और इन बनी हुई कलाकृतियों को ईरान में अल्पसंख्यक यहूदी, ईसाई, पारसी, सुन्नी इस्लाम, मांडियन सबियन और बहाई समुदायों के नेताओं को उपहार के रूप में दिया था। क्या आपको पता है बहमन की गिरफ्तारी के बाद तेहरानी को भी अरेस्ट कर लिया गया था।

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