पेगासस जासूसी और कृषि कानूनों के मुद्दे पर विपक्ष का संसद में हंगामा जारी है. इन दोनों मुद्दों पर मंगलवार को राज्यसभा और लोकसभा में जमकर शोर-शराबा हुआ. आज भी दोनों सदनों में हंगामे के आसार हैं. इससे पहले संसद में समान विचारधारा वाली विपक्षी पार्टियों की एक अहम मीटिंग होगी.मीटिंग में पेगासस जासूसी और किसान आंदोलन पर चर्चा की जाएगी. लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष नेता इस दौरान आगे की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे. इस दौरान मीटिंग में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे.इससे पहले मंगलवार को सुबह 11 बजे जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल की तरफ बढ़ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. वे पेगासस विवाद पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे थे. इसके चलते सदन की कार्यवाही 4 बार स्थगित करनी पड़ी. इस दौरान हंगामे के बीच ही राज्यसभा में मरीन एड टू नेविगेशन बिल-2021 पास कर दिया गया.
लोकसभा में भी जमकर हंगामा हुआ. दिनभर में 9 बार कार्यवाही स्थगित करने के बाद जब 10वीं बार शुरू हुई तो विपक्ष ने खेला होबे के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई.पेगासस मामले में राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि IT एक्ट के मुताबिक सर्विलांस के लिए इजाजत लेनी पड़ती है. इस सरकार ने पेगासस के जरिए जासूसी की इजाजत दी है. जजों, आर्मी अफसरों, पत्रकारों और विपक्ष के नेताओं की जासूसी करवाई गई है. दुनिया के किसी लोकतंत्र में ऐसा नहीं होता है. देश में तानाशाही चल रही है. मोदी जी मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से हल करने के लिए तैयार नहीं हैं. हम चर्चा के लिए तैयार हैं. सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
हम सभी इस मुद्दे पर लड़ने जा रहे हैं.मानसून सत्र के पहले हफ्ते में संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों और पेगासस जासूसी मामले के साथ कई दूसरे मुद्दों पर जमकर हंगामा किया. पिछले सप्ताह के दौरान सिर्फ मंगलवार को राज्यसभा में चार घंटे सामान्य ढंग से कामकाज हो पाया, जब कोरोना के चलते देश में बने हालात को लेकर सभी दलों के बीच आपस में बनी सहमति के आधार पर चर्चा हुई थी.
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