आईएफएस अधिकारी के पति पर 110 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
क्या आप जानते हैं कि एक भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी के पति पर 110 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा है? यह मामला बेहद चौंकाने वाला है और इसने देशभर में हलचल मचा दी है। इस लेख में, हम आपको इस पूरे मामले की पूरी जानकारी देंगे और बताएंगे कि कैसे एक साधारण निवेश योजना धोखाधड़ी में बदल गई।
धोखाधड़ी का भंडाफोड़
यह सारा मामला शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2020 में कई धोखाधड़ी के मामलों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि अजीत कुमार गुप्ता नाम के एक शख्स ने कई लोगों को अपनी निवेश योजनाओं में निवेश करने के लिए लालच दिया था। गुप्ता ने 40 प्रतिशत सालाना रिटर्न का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए थे।
आरोपियों की पहचान
गुप्ता के साथ कई और लोगों को भी इस मामले में नामजद किया गया है, जिसमें आईएफएस अधिकारी निहारिका सिंह, उनकी कंपनियाँ, और कुछ अन्य सहयोगी भी शामिल हैं। जांच में पता चला है कि गुप्ता ने अपनी पत्नी और सहयोगियों के नाम पर कई संपत्तियाँ खरीदी थीं, जिनमें मकान, खेती की जमीन, और अन्य शामिल हैं।
ईडी की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और गुप्ता और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। ईडी ने 9 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियाँ जब्त भी की हैं। इस धोखाधड़ी के कई पीड़ितों ने अपनी बचत गँवा दी है, जिससे कई परिवारों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
जाँच के निष्कर्ष
ईडी की जांच के मुताबिक, 21 फ़रवरी 2020 से 26 अक्टूबर 2020 के बीच लोगों को निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस पूरे मामले में कई संदिग्ध कंपनियाँ भी शामिल हैं।
निवेशकों के साथ धोखा
इस धोखाधड़ी के ज़रिये, निवेशकों से 110 करोड़ रुपये की ठगी की गई। धोखेबाज़ ने कई फर्ज़ी निवेश योजनाएँ बनाकर निवेशकों को लुभाया और फिर उनका पैसा लेकर फ़रार हो गया।
धोखाधड़ी का तरीका
गुप्ता ने अपनी कंपनियों के ज़रिये दैनिक जमा योजनाओं, मासिक आवर्ती जमा योजनाओं और सावधि योजनाओं जैसे कई निवेश विकल्प दिए और आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर भोले-भाले निवेशकों को अपना शिकार बनाया।
इस मामले से सबक
इस पूरे मामले ने हमें निवेश करने से पहले पूरी तरह से जाँच-पड़ताल करने की ज़रूरत दिखाई है। ऐसे अत्यधिक लाभ के झांसे में न आएँ। किसी भी निवेश से पहले पूरी तरह से जानकारी प्राप्त करें और कानूनी विशेषज्ञ से सलाह लें। याद रखें, अगर कोई योजना बहुत अच्छी लगती है, तो उसमें धोखा छिपा हो सकता है।
Take Away Points
- इस मामले में एक IFS अधिकारी का नाम शामिल होना बहुत चौंकाने वाला है।
- 110 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी ने कई लोगों के जीवन पर बुरा असर डाला है।
- यह मामला दिखाता है कि धोखाधड़ी का शिकार किसी भी वर्ग से हो सकता है।
- निवेश करने से पहले पूरी तरह से जाँच-पड़ताल करना बेहद ज़रूरी है।

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