हम ही सब करेंगे तो लोकसभा-राज्यसभा की क्या जरूरत : सुप्रीम कोर्ट

डेस्क। एनवी रमन्ना (CJI) ने गुरुवार को, कोर्ट में राजनीतिक विषयों को रखने के मुद्दे पर नाराजगी जताई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि, अगर मैं मान जाता हूं कि आपके सारे मामलों पर हम ही सुनवाई करेंगे और ऑर्डर देंगे तो फिर लोकसभा-राज्यसभा में राजनीतिक प्रतिनिधियों को चुनकर क्यों लाया जाता है?  चीफ जस्टिस ने पूछा- क्या अब हमें बिल भी पास करना पड़ेगा?

बता दें कि अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने ये टिप्पणी की है, उन्होंने कोर्ट में याचिका डालकर कोर्ट से अनुरोध किया था कि वो सरकार को एक साल के भीतर देशभर में मौजूद रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान कर उन्हें पकड़ने और वापस भेजने का आदेश दें।

याचिका में दावा किया गया कि, पांच करोड़ रोहिंग्या रिफ्यूजी हमारे जीने का अधिकार हमसे छीन रहे हैं। इसपर सीजेआई ने कहा- मिस्टर उपाध्याय, क्या हम हर रोज आपका ही केस सुनने के लिए बैठे हैं? सूरज के नीचे जितनी भी समस्याएं हैं सभी? संसद की समस्याएं, नॉमिनेशन की समस्याएं, इलेक्शन रिफॉर्मस सबकुछ हम हीं सुनें?

आगे रमन्ना ने कहा ये सब राजनीतिक मुद्दे हैं जिन्हें सरकार के सामने रखने की जगह कोर्ट के सामने रख दिया गया है। 

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