डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को पुष्टि की कि भारत ने रूस से रियायती कच्चे तेल की खरीद की है, जो देश की तेल आवश्यकताओं के 3-4 दिनों के लिए है, अमेरिका की इस आलोचना के बावजूद कि मास्को के साथ व्यापार यूक्रेन के आक्रमण को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
विदेश मंत्री ने बताया कि, ‘हमने (रूस से तेल) खरीदना शुरू कर दिया है। हमें काफी बैरल मिले हैं। मैं आपूर्ति के बारे में 3-4 दिनों के बारे में सोचूंगी, और यह जारी रहेगा। भारत के समग्र हित को ध्यान में रखा जाएगा।
सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर दोनों ने कई मंचों पर भारत की स्थिति को स्पष्ट रूप से समझाया था कि, मैं अपने देश के राष्ट्रीय हित को पहले रखूंगा। अगर ईंधन उपलब्ध है और छूट पर उपलब्ध है, तो मुझे इसे क्यों नहीं खरीदना चाहिए? मुझे अपने लोगों के लिए इसकी आवश्यकता है, इसलिए हमने पहले ही खरीदारी शुरू कर दी है, उन्होंने यह बात CNBC-TV18 द्वारा आयोजित इंडिया बिजनेस लीडर अवार्ड्स में कही।
बता दें रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने से पहले भारत को कच्चे तेल की कीमतों पर 35 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट की पेशकश की गई है। सीतारमण की टिप्पणी रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की दो दिवसीय यात्रा के बीच आई है।
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