देश: जैश-ए-मोहम्म्द से जुड़ा 19 साल वर्षीय आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला उन लोगो से जुड़ा हुआ है जो देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का सपना देख रहे हैं। हबीबुल को किसी बात का डर नही है उसके मन मे जुनून है और यह विचार की भारत मे मुस्लिम के साथ दोहरा व्यवहार होता है।
हबीबुल से एटीयस की टीम लगातार पूंछताछ कर रही है और पूंछताछ के दौरान हबीबुल ने अपनी कट्टरता का खुलकर परिचय दिया। उसकी बातों से यह स्पष्ट हो गया कि उसे किसी का डर नही है। उसके मन मे मौत का खौफ नही है और वह हिन्दू से नफरत करता है।
हबीबुल में एटीयस से साफ तौर पर कहा, जिहाद से जन्नत मिलती है और अगर कोई धर्म है तो वह सिर्फ इस्लाम है। उसकी बातों से यह साफ जाहिर है कि वह तालिबानी सोच से घिरा हुआ है। उसके लिए हर वो इंसान काफ़िर है जो इस्लाम को नही मानता। एटीयस से पूंछताछ के दौरान उसने कहा की मैं एक सच्चा मुसलमान हूँ मैं वही कर रहा हूँ जो दीन ने कहा है।
वही जब एटीयस की टीम ने उससे पूंछ कट्टरपंथी समूहों के समर्थन में क्यों हो उसने क्यों जुड़े हो तो उसने कहा इस्लाम के लिये। क्योंकि सबका मसकद एक ही है गजवा-ए-हिंद। सैफुल्ला के मुताबिक तालिबान विश्व बिरादरी के दबाव में है। शरीयत के हिसाब से वहां की सभी महिलाएं इस बार बुर्के में नहीं हैं। सभी पुरुषों को दाढ़ी रखना अनिवार्य नहीं है। उसने पूछताछ में गैर मुस्लिमों के लिए काफिर शब्द ही प्रयोग किया।
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