डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में रामलला के मंदिर का भूमि पूजन किया था। इसी के साथ भव्य राम मंदिर का निर्माण जोरो से किया जा रहा है। ताजा अपडेट की माने तो मंदिर निर्माण का काम 40 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
वहीं अब मंदिर के प्लिंथ यानी प्रतिष्ठान का काम जारी है। जानकारी के अनुसार दिसंबर 2023 तक नए मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और आम जनता रामलला के दर्शन कर सकेंगी।
वहीं अगर मंदिर निर्माण की बात करें तो 67 एकड़ में मंदिर और परिसर का निर्माण हो रहा है। क्या आप जानते हैं कि इस मंदिर की नींव को 15 मीटर अंदर तक बनाया गया है। वहीं ग्रेनाइट के सिंगल पीस के ढाई टन वजनी करीब 14000 पत्थर भी यहां लगाए गए हैं और कुल 17000 ग्रेनाइट के सिंगल पीस यानी कि 2.5 टन वजनी पत्थर इस पूरे मंदिर में लगाए जाने अभी बाकी हैं।
परकोटा, रिटेनिंग वॉल और गर्भगृह में सफेदा संगमरमर पत्थर लगने का काम अब पूरा होने ही वाला है। वहीं रिटेनिंग वॉल बनाने का काम मंदिर के पश्चिम भाग में हो रहा है जहां सरयू का प्रवाह है। आपको बता दें कि पूर्व दिशा में एक तरफ धरती का तल 10 मीटर ऊंचा है और वहीं पश्चिम में 10 मीटर नीचे है जिस कारण से रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। रिटेनिंग वॉल को इतना मजबूत और धरती के अंदर तक बहुत ज्यादा चौड़ाई में बनाया जा रहा है ताकि अगर भविष्य में तेज बारिश हो और मिट्टी का कटान हुआ तो यह उस मिट्टी को रोक पाए। साथ ही अगर सरयू नदी ने कभी भी अपनी दिशा बदली तो मंदिर को उससे नुकसान भी ना हो।
ऐसा भी माना जा रहा है कि पत्थरों का इतना विशाल मंदिर अभी तक कहीं नहीं बना और पत्थर में इतनी विशाल रचना और नक्काशी एक अनोखी रचना होगी। वहीं अगर बड़े मंदिरों की बात करें तो वह उनका ढांचा भी सीमेंट से तैयार किया जाता है पर रामलला का पूरा मंदिर सिर्फ पत्थरों से बनाया जा रहा है।
बता दें कि मंदिर में प्लिंथ यानी चबूतरे का काम पूरा होने के बाद मंडप पर काम शुरू हो जाएगा जिस पर 400 खंबे होंगे। इसको तेजी देने के लिए मंदिर के गर्भ गृह समेत मंडप बनाने के लिए खंभों को पहले से ही तैयार कर के रखा गया है।
रोजाना इतने लोग करेंगे रामलला के दर्शन
बता दें कि रामलला का मंदिर जब बनकर तैयार हो जाएगा तो यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होनी तय है। एक अनुमान की माने तो यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब दो लाख से भी अधिक होने की बताई जा रही है।
साथ ही श्रद्धालुओं के लिए यहां खाने-पीने, ठहरने, रहने आदि की व्यवस्था भी की जाएगी। और इसके लिए सरकार राम मंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या के विकास का रोडमैप भी तैयार कर रही है।
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