हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ीं: ईडी समन और पीएमएलए कोर्ट का आदेश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ईडी द्वारा जारी समन की अवहेलना करने के मामले में, उन्हें पीएमएलए कोर्ट ने 4 दिसंबर को पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला 8.86 एकड़ भूमि घोटाले से जुड़ा हुआ है, और सोरेन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया है। क्या सोरेन इस मुश्किल से उबर पाएंगे या उन पर गाज गिरने वाली है? आइए जानते हैं इस मामले की पूरी जानकारी।

सोरेन का ईडी समन पर कोई जवाब नहीं

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 8.86 एकड़ भूमि घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। ईडी ने इस मामले में सोरेन को कई बार समन भेजा था, लेकिन उन्होंने ज्यादातर नजरअंदाज कर दिया। एजेंसी ने बताया कि कम से कम 10 समन भेजे गए थे, जिनमें से अधिकांश का सोरेन ने जवाब नहीं दिया। यह समन 14 अगस्त 2023 से 31 जनवरी 2024 के बीच जारी किए गए थे। इस अवमानना के लिए, उनके खिलाफ धारा 63 के तहत पीएमएलए अधिनियम और धारा 174 के तहत आईपीसी में मामला दर्ज किया गया था।

समन की अवहेलना का क्या मतलब?

समन की अवहेलना कानूनी कार्यवाही को बाधित करने का एक गंभीर अपराध है। यह देश की न्याय प्रणाली के प्रति अनादर माना जाता है।

सोरेन की दलील

हालांकि झामुमो का दावा है कि सोरेन ने हर समन पर ईडी को उचित कारण बताये थे, और एजेंसी उनकी व्यस्तता का ध्यान रखे बिना मनमाना व्यवहार कर रही थी। उदाहरण के लिए, उन्हें 14 अगस्त को समन दिया गया, जब वो स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी में व्यस्त थे।

पीएमएलए कोर्ट का फैसला

सोरेन की ओर से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की याचिका 26 नवंबर 2024 को खारिज हो गई थी। इसके बाद पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 4 दिसंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। अब देखना होगा कि सोरेन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं। क्या वो कोर्ट में पेश होंगे या फिर और कोई कानूनी रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे?

सियासी असर

यह मामला झारखंड की सियासत पर भी असर डाल सकता है। यदि सोरेन को कोर्ट से सजा मिलती है, तो इससे उनकी सरकार के भविष्य पर भी सवालिया निशान लग सकता है। वैसे तो यह सब कोर्ट के हाथों में है।

भविष्य क्या है?

अब यह सब कोर्ट के हाथों में है। अगले कुछ हफ्तों में मामले का नतीजा सामने आएगा, और यह झारखंड की राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है।

Take Away Points

  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले में ईडी ने 10 बार समन जारी किये थे, ज्यादातर को उन्होंने नज़रअंदाज किया
  • सोरेन को अवमानना के आरोप में पीएमएलए कोर्ट में पेश होना पड़ेगा
  • यह मामला झारखंड की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है
  • क्या सोरेन इस मुश्किल से निकल पाएंगे? समय ही बताएगा।

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