नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और हरियाणा से सटे दिल्ली बॉर्डर को सील करने का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। इस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। बॉर्डर सील करने को लेकर जनहित याचिका दायर कर यूपी-हरियाणा से सटी सीमाओं को खोलने की मांग की गई है।
इस याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की गई है कि वह दिल्ली सरकार को आदेश दे कि वह सीमाओं को खोले ताकि एनसीआर व अन्य राज्यों के मरीज केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं ले सकें। अधिवक्ता कुशाग्र कुमार की याचिका को वेबलिंक के माध्यम से तत्काल सुनवाई के लिए दाखिल किया गया है। इस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
वहीं, दिल्ली से सटे यूपी और हरियाणा के बॉर्डर सील होने से लोगों को दिक्कत आ रही है। सिर्फ उन्हीं लोगों को आवागमन की इजाजत दी जा रही है, जिन्हें पास की सुविधा प्रदान की गई है।
उधर, नलॉक-1 में सभी राज्यों में बिना रोक-टोक आवागमन की केंद्र सरकार की गाइडलाइन का बुधवार फरीदाबाद-दिल्ली सीमा पर असर दिखाई दिया। दिल्ली-फरीदाबाद के बीच आवागमन करने वालों को आंशिक राहत मिली है। कई दिन बाद लोगों ने बॉर्डर पर बिना किसी रोकटोक के आवागमन किया। हालांकि प्रशासन अभी अधिकारिक तौर पर किसी तरह की राहत से इंकार कर रहा है। बॉर्डर आने-जाने वाली सड़क पर दिल्ली व फरीदाबाद के पुलिसकर्मी तैनात रहे, मगर उन्होंने वे किसी वाहन चालक से पूछताछ करते नहीं दिखे।
वहीं दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे स्थित सिरहौल सीमा पर सुबह नौ बजे तक सड़क के आधे हिस्से में बैरिकेड्स लगे थे, जिन्हें भी हटा लिया गया। यही तस्वीर आया नगर सीमा पर देखने को मिली। कपासहेड़ा सीमा पर बैरिकेड्स लगे थे, पर बीच से बगैर जांच किए वाहन जाने दिए जा रहे थे। पैदल व साइकिल से आने वाले कामगारों को भी गुरुग्राम व दिल्ली पुलिस ने नहीं रोका।
सोनपीत में कोरोना संक्रमित मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या और इनका दिल्ली से कनेक्शन होने के कारण दिल्ली-सोनीपत सीमा पर आवागमन सुलभ नहीं हुआ है। बगैर पास के आवागमन नहीं करने दिया जा रहा है। हालांकि अब दो दिनों से हरियाणा की सीमा में कुछ ढील अवश्य दी गई है, लेकिन अब दिल्ली की ओर सख्ती बढ़ा दी गई है।
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