किसानों आंदोलन: आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया
Farmers’ protest: RSP MP NK Premachandran gives privilege notice against Agriculture Minister Narendra Singh Tomar
भारत सरकार किसानों से वार्ता और कृषि क़ानूनों को लेकर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। बातचीत से ही समाधान निकलेगा: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी #FarmersProtest pic.twitter.com/E689UZ8gz6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 3, 2021
केंद्र सरकार को इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाए बिना कृषि कानूनों को निरस्त कर देना चाहिए: कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद
Centre should repeal #FarmLaws without making it a prestige issue: Leader of Opposition & Congress leader Ghulam Nabi Azad in #RajyaSabha
— Press Trust of India (@PTI_News) February 3, 2021
जींद महापंचायत में राकेश टिकैत की हुंकार, कहा- जब-जब राजा डरता है, किलेबंदी करता है
हरियाणा के जींद महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर जमकर निशाना। उन्होंने कहा कि जब-जब राजा डरता है, तब-तब किलेबंदी करता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कीलें लगाई जा रही हैं, हम वो अपने खेतों में भी लगाते हैं।
वहीं, पंचायत में मंच टूटने पर राकेश टिकैतने कहा कि पंचायत में मंच टूट गया, अच्छा हुआ, भाग्यवान लोगों के मंच टूटते हैं…यह लोग भी वही हैं, ये ट्रैक्टर भी वही हैं। वचन वही है हमारे 40 लोग (संयुक्त किसान मोर्चा) ही फैसला करेंगे, सरकार से बातचीत करेंगे।
हरियाणा के जींद में किसान महापंचायत के दौरान स्टेज टूटा, राकेश टिकैत भी स्टेज पर थे मौजूद
हरियाणा के जींद में किसान महापंचायत के दौरान स्टेज टूट गया। जिस समय स्टेज टूटा, उस समय किसान नेता राकेश टिकैत भी स्टेज पर मौजूद थे। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
# | The stage on which Bharatiya Kisan Union (Arajnaitik) leader Rakesh Tikait & other farmer leaders were standing, collapses in Jind, Haryana.
A ‘Mahapanchayat’ is underway in Jind. pic.twitter.com/rBwbfo0Mm1
— ANI (@ANI) February 3, 2021
हरियाणा के जींद महापंचायत में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास, राकेश टिकैत भी रहे मौजूद
हरियाणा के जींद में जारी महापंचायत में तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया है। इसमें कानून वापसी, एमएसपी, किसानों पर दर्ज केस वापसी की मांग की गई है। किसान नेता राकेश टिकैत भी इस दौरान मंच पर मौजूद रहे।
किसान आंदोलन पर विदेशों में हो रही टिप्पणियों पर MEA ने कहा- बाहरी लोग न चलाएं अपना एजेंडा
कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन की गूंज अंतरराष्ट्रीय पटल सुनाई दे रही है। अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना, क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग समेत कई सेलेब्रिटी के बयान पर अब विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है। भारत की ओर से कहा गया है कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का हक है और किसानों का एक छोटा समूह ही प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में बाहरी लोगों को अपना एजेंडा नहीं चलाना चाहिए।
हरियाणा के जींद महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे
हरियाणा के जींद जिले में चल रहे महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हिस्सा लिया।
Haryana: Bharatiya Kisan Union (Arajnaitik) leader Rakesh Tikait reaches Jind where a ‘Mahapanchayat’ is underway pic.twitter.com/teG8JFYX2S
— ANI (@ANI) February 3, 2021
‘गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान जिसने भी नियमों का उल्लंघ किया, उसकी जांच हो रही’
दिल्ली पुलिस के विशेष सीपी प्रवीर रंजन ने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर परेड के दौरान जिसने भी नियमों का उल्लंघ किया था उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसमें नेताओं की भूमिया की भी जांच की जा रही है।
Crime branch is examining who all were involved in actual violations, including leaders, who had given undertaking for tractor parade on fixed route, didn’t abide by it. We’re probing role of main leaders in route violations: Praveer Ranjan, Special CP, Delhi Police pic.twitter.com/cDhN11MBFu
— ANI (@ANI) February 3, 2021
किसान आंदोलन के दौरान गिरफ्तार लोगों की सूची सीएम केजरीवाल ने जारी की
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “सूचना मिली कि दिल्ली किसान आंदोलन में जो लोग हिस्सा लेने आए थे वे अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं। दिल्ली के अलग-अलग जिलों में जिन लोगों को किसान आंदोलन के संबंध में गिरफ्तार किया गया है उनकी हमने कल एक लिस्ट बनाई है। ये लिस्ट हम अभी जन सूचना के लिए जारी कर रहे हैं।”
सीएम केजरीवाल ने आगे कहा, “लिस्ट 115 लोगों की है। इस लिस्ट में उनका नाम और वे किस दिन गिरफ्तार हुए यह सब है। मैं उम्मीद करता हूं इस लिस्ट से लापता लोगों का पता चल जाएगा। अगर कोई रह जाता है तो उन्हें ढूंढवाने के लिए मैं पूरी कोशिश करूंगा। जरूरत पड़ी तो मैं उपराज्यपाल और केंद्र सरकार से बात करूंगा।”
We are issuing a list of 115 people who have been arrested after Jan 26 violence & are kept in various Delhi jails. I hope it helps people looking for their family members who went missing after participating in Kisan Andolan on January 26: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal pic.twitter.com/fsCVvyZGNb
— ANI (@ANI) February 3, 2021
किसानों के समर्थन में हरियाणा के जींद में महापंचायत, उमड़ा जनसैलाब
किसानों के समर्थन में हरियाणा के जींद में आज महापंचायत हो रही है। महापंचायत में जनसैलाब उमड़ा है। किसान नेता राकेश टिकैत भी हिस्सा लेंगे।
Haryana: A ‘Mahapanchayat’ is underway in Jind district. Bharatiya Kisan Union (Arajnaitik) leader Rakesh Tikait will attend the meeting. pic.twitter.com/M0fWlvzUWM
— ANI (@ANI) February 3, 2021
जींद में होनी वाली महापंचायत में किसानों को सही दिशा में विचार करना चाहिए: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, “जींद में होनी वाली महापंचायत में किसानों को सही दिशा में विचार करना चाहिए। सरकार तीन कानूनों को डेढ़ साल तक अमल नहीं करेगी और इसमें जो भी सुधार करना होगा उसके लिए वो तैयार है, उन्हें पंचायत में इन सब पर चर्चा करना चाहिए और आंदोलन को खत्म करना चाहिए।”
जींद में होनी वाली महापंचायत में किसानों को सही दिशा में विचार करना चाहिए। सरकार 3 कानूनों को डेढ़ साल तक अमल नहीं करेगी और इसमें जो भी सुधार करना होगा उसके लिए वो तैयार है,उन्हें पंचायत में इन सब पर चर्चा करना चाहिए और आंदोलन को खत्म करना चाहिए: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले pic.twitter.com/DrK5GSadQu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 3, 2021
दिल्ली बॉर्डर ऐसे किले लगा दिए गए हैं, जैसे चीन-पाकिस्तान का बॉर्डर हो: संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, “किसान दुश्मन देश के नागरिक नहीं हैं। दिल्ली बॉर्डर पर ऐसे किले लगा दिए गए हैं, जैसे चीन-पाकिस्तान का बॉर्डर तैयार किया हो। सरकार किसानों को आतंकवादी कह रही है, लाठी से पीट रही है। इसलिए हमने सदन में विरोध दर्ज कराया ताकि सबसे पहले किसानों के मुद्दे पर चर्चा हो और 3 कानूनों वापस हो।”
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर किसानों का आंदोलन जारी
सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा की गई है। किसानों को यहां प्रदर्शन करते हुए आज 70 दिन हो गए हैं।
सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा की गई है। किसानों को यहां प्रदर्शन करते हुए आज 70दिन हो गए हैं। #FarmersProtests pic.twitter.com/XtA2o8ZdTM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 3, 2021
आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में दी श्रद्धांजलि
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा, “राष्ट्रपति जी के अभिभाषण में फौजी और किसानों के बारे में चर्चा है। जय जवान, जय किसान हमारी पार्टी का और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का नारा था। यह दो सेक्शन हमारे समाज के ऐसे हैं, उनके बगैर हम शून्य हैं। जो हमारे जवान सरहदों पर लड़ते हैं वह किस तरह की जिंदगी गुजारते हैं और किस तरह की जिंदगी जीते हैं। ग्लेशियर में हमारे फौजी रहते हैं। इस ठंड में उन ग्लेशियर हमें हमारे फौजी हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं। गलवान वैली में हमारे जवान अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हो गए, उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं।”
गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा, “मैं उन सैकड़ों किसानों को भी श्रद्धांजलि देता हूं जो आंदोलन के दौरान शहीद हो गए। जो इस समय गतिरोध बना हुआ है, किसानों और सरकार के बीच, यह पहली बार नहीं हुआ है। यह सैकड़ों सालों से इस तरह की लड़ाई चलती आ रही है। कई दिन से मैं किसानों के आंदोलन के बारे में पढ़ रहा था। उन आंदोलनों के बार में भी पढ़ा जो अंग्रेजों के दौर में चलीं। उस दौर में भी सरकारों को झुकना पड़ा था। किसानों की ताकत से बड़ी कुछ नहीं है।”
आजाद ने अंग्रेजों के जमाने में हुए किसान आंदोलन, सरदार पटेल के किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए अक्टूबर 1988 के ‘बोट क्लब किसान आंदोलन’ से जुड़ अपने संस्मरण का जिक्र किया।
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन के बीच सुरक्षा बेहद कड़ी
गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा कर दी गई है। किसानों को यहां प्रदर्शन करते हुए आज 68 दिन हो गए हैं।
राकेश टिकैत की सरकार को चेतावनी! कहा- किसानों की मांगें माने सरकार नहीं तो…
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी है। गाजीपुर बॉर्डर पर कहा, “आज हम जींद जा रहे हैं, हमारा उद्देश्य यही रहेगा कि हम सभी गांव में जाएंगे और उन्हें इकठ्ठा करेंगे। जब तक सरकार किसानों की मांग को पूरा नहीं करती तब तक पूरे देश में ऐसी ही महापंचायत चलेंगी।”
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