फर्जी RT-PCR रिपोर्ट 1000 रुपए में देकर करवाते थे हवाई सफर, २ आरोपी गिरफ्तार

झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ की टीम ने फर्जी RT-PCR रिपोर्ट बनाने वाला गिरोह का पर्दाफाश किया. पैथोलॉजी लैब में काम करने वाले दो लोग इस गिरोह का संचालन कर रहे थे. ये गिरोह फ्लाइट में सफर करने वाले वैसे लोगों को अपना शिकार बनाता था, जिनके पास कोविड की RT-PCR रिपोर्ट नहीं होती थी. अली और शमीम नामक दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक ये लोग फ्लाइट में सफर करने वाले वैसे यात्रियों से मोटी रकम लेकर उन्हें RT-PCR रिपोर्ट मुहैया कराते थे, जिनके पास RT-PCR रिपोर्ट नहीं होती थी. दोनों आरोपी अपर बाजार इलाके के रहने वाले हैं और डोरंडा स्थित पैथोलॉजी लैब में काम करते थे. एयरपोर्ट के अंदर सुरक्षा की कमान संभाल रहे सीआईएसएफ ने इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया. जिसके बाद मामले में मिले इनपुट के आधार पर अली और शमीम को गिरफ्तार किया.

एक हजार लेकर देता था रिपोर्ट

इस गिरोह के टारगेट में खासकर मजदूर तबके के लोग थे. मजदूर काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर रवाना हो रहे हैं. लेकिन ज्यादातर मजदूर RT-PCR टेस्ट कराने से गुरेज कर रहे हैं. ऐसे में फ्लाइट में सफर करने के लिए उन्हें RT-PCR टेस्ट की जरूरत होती थी. जिस कारण वे दलाल के चंगुल में फंस जा रहे थे. 1000 रुपए देकर RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट इन दलालों से ले रहे थे.

दूसरे की रिपोर्ट को एडिट कर बनाते थे फर्जी रिपोर्ट

मामले में जो जानकारी सामने आई है कि उसके अनुसार अली और शमिम दूसरों की RT-PCR रिपोर्ट में नाम को एडिट कर फर्जी रिपोर्ट तैयार करते थे. और उन्हें रिपोर्ट मुहैया कराते थे. इसमें और लोगों की संलिप्ता है या नहीं, इसको लेकर पुलिस आगे की छानबीन कर रही है.

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