राजनीति: भारत की 15 वीं राष्ट्रपति के रूप में आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू ने आज शपथ ली। द्रौपदी मुर्मू को एनवी रमण ने शपथ दिलाई शपथ ग्रहण के बाद द्रौपदी मुर्मू ने भाषण दिया ओर कहा, मै देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति हूँ जिसका जन्म आजाद भारत मे हुआ है। उन्होंने कहा हमे देश के विकास के लिये काम करना है। 25 वर्षो के अमृत काल का मार्ग दो पटरियों पर आगे बढ़ेगा। सबका प्रयास और सबका कर्तव्य देश को नई दिशा में ले जाएगा।
उन्होंने कारगिल विजय दिवस को याद करते हुए कहा, 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस है। यह दिन भारत की सेना के शौर्य और संयम का प्रतीक है। मैं आज देश की सेना ओर देश के समस्त नागरिको को कारगिल विजय दिवस की अग्रिम बधाई देती हूं। वही मैं आज राष्ट्रपति पद तक पहुँची हूँ यह सिर्फ मेरी उपलब्धि नहीं है। यह भारत के प्रत्येक पिछड़े और गरीब की उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि जो पिछड़े थे जो गरीब थे जिन्हें उनका अधिकार नही मिला मैं उन सबके लिये काम करूंगी। मैं यह विश्वास दिलाती हूँ कि मैं भारत के प्रत्येक नागरिक के हित के लिये खड़ी रहूँगी और महिलाओं को मैं उनके अधिकारों से वंचित नही रहने दे सकती हूं। मेरा निर्वाचन बदलाव का संदेश है। मैं भारत का नेतृत्व करते हुए खुद को गौरवशाली महसूस कर रही हूं।
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