दिल्ली: दिल्ली के जहाँगीपुरी में हनुमान जयंती के दिन भड़की हिंसा के संदर्भ में दिल्ली पुलिस ने अपनी पहली रिपोर्ट गृह मंत्रालय के सम्यक5प्रस्तुत कर दी है। पुलिस ने जो रिपोर्ट गृह मंत्रालय में दी है उसमें बताया गया है कि इस हिंसा के दौरान पुलिस ने क्या क्या सुरक्षा के कदम उठाए। वही जो भी हथियार और सक्षय बरामद हुए हैं उसका विवरण किया है।
सूत्रों का कहना है कि जहाँगीपुरी मे हनुमान जयंती के दिन हुई हिंसा आकस्मिक विवाद नहीं था बल्कि यह एक सोची समझी साजिश थी। इस साजिश के पीछे के कारण का अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन अपनी सूझ बूझ से दिल्ली पुलिस ने बड़े हादसे को होने से बचा लिया है।
इस हिंसा के जुर्म में अब तक 24 लोग हिरासत में लिए गए हैं। इसमे से 21 बालिग व तीन नाबालिग है। वही इस हिंसा के संदर्भ में कहा गया था कि हिंदुओ ने मस्जिद पर भगवा झंडा फहराया जिसके बाद हिंसा भड़की। पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि जो भी यह कह रहे थे वह झूंठे तर्क दे रहे थे मस्जिद पर हिंदुओं द्वारा झंडा फहराने की बात निराधार है। वही इस मामले में आपराधिक षड्यंत्र धारा 120 बी के तहत कार्यवाही हो रही है।
बताते चले यह दंगा उस दिन भड़का जब हिन्दू अपने इष्ट प्रभु श्री राम के भक्त हुनमान जी के जन्मदिन के मौके पर शोभायात्रा निकाल रहे थे। इस दंगे में जमकर पत्थर बाजी हुई, आगजनी के साथ गोली भी चलाई गई। अब इस दंगे में शामिल 80 लोगों की पहचान हुई है लेकिन गिरफ्तार सिर्फ उन लोगों को किया जा रहा है जो पत्थरबाजी कर रहे थे।
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