दिल्ली कूच: हजारों किसानों का प्रदर्शन, जानिए क्या हैं मांगें और क्या है प्लान?
दिल्ली में शीतकालीन सत्र के दौरान, हजारों किसान नोएडा से दिल्ली की ओर कूच करने की तैयारी में हैं! यह विशाल प्रदर्शन, संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में, नए कृषि कानूनों से संबंधित पांच प्रमुख मांगों को लेकर हो रहा है। क्या आप जानना चाहते हैं कि किसानों की क्या मांगें हैं? क्या पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए कोई कदम उठाए हैं? इस लेख में हम आपको इस विशाल किसान आंदोलन के हर पहलू के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे, तो बने रहिए हमारे साथ!
किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
किसानों की मांगें सीधी और स्पष्ट हैं: नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत उचित मुआवजा, विकसित भूखंड, रोजगार और पुनर्विकास के अवसर। वे चाहते हैं कि 1 जनवरी 2014 के बाद अधिग्रहित भूमि के लिए चार गुना मुआवजा दिया जाए। गौतमबुद्ध नगर में 10 साल से सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों की मांग है कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के लाभ जिले में भी लागू किए जाएं, और उन्हें जमीन अधिग्रहण के बदले 10 फीसदी विकसित भूखंड और 64.7 फीसदी की दर से मुआवजा मिले। इसके अलावा, भूमिधर और भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्विकास के लाभ भी मिलने चाहिए। किसानों का कहना है कि हाई पावर कमेटी की सिफारिशें लागू की जानी चाहिए और आबादी क्षेत्र का उचित निस्तारण किया जाना चाहिए।
दिल्ली कूच: कैसे और कब?
किसानों का यह प्रदर्शन 2 दिसंबर, सोमवार को शुरू हुआ। भारतीय किसान परिषद (BKP), किसान मजदूर मोर्चा (KMM), और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) जैसे कई किसान संगठन इस आंदोलन का हिस्सा हैं। प्रदर्शनकारी किसान नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के पास दोपहर 12 बजे इकट्ठा हुए और पैदल और ट्रैक्टरों से दिल्ली की ओर कूच किया। गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा सहित लगभग 20 जिलों के किसान इस मार्च में शामिल हो रहे हैं। पंजाब-हरियाणा के किसानों ने भी 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है।
पुलिस की तैयारी और रूट डायवर्जन
किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए, दिल्ली बॉर्डर पर चार हजार से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है और कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया है। नोएडा पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर किसानों को दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए हैं और रूट डायवर्जन किया गया है। यातायात को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी रेड लाइट को ग्रीन कर दिया गया है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की सावधानीपूर्वक योजना बनाएं और प्रभावित रास्तों से बचें।
किसानों के आंदोलन का असर
किसानों का यह विशाल प्रदर्शन दिल्ली के यातायात और जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। कालिंदी कुंज के यमुना ब्रिज पर भारी जाम लगा है। चिल्ला बॉर्डर और अन्य बॉर्डर पर भी भारी भीड़ है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
टेक अवे पॉइंट्स
- हजारों किसान नए कृषि कानूनों से संबंधित अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हैं।
- किसानों की प्रमुख मांगें हैं: उचित मुआवजा, विकसित भूखंड, रोजगार और पुनर्विकास।
- दिल्ली बॉर्डर पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और रूट डायवर्जन किया गया है।
- किसानों का यह प्रदर्शन दिल्ली के यातायात और जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।
- पंजाब-हरियाणा के किसान भी 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करेंगे।

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