नई दिल्ली। दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा तिहाड़ जेल परिसर दिल्ली के हरिनगर विधानसभा क्षेत्र में ही आता है। करीब 40 प्रतिशत सिख और पंजाबी बहुल इस विधानसभा क्षेत्र में बड़ी उम्मीदों के साथ भाजपा ने युवा चेहरे तजिंदर सिंह बग्गा को उतारा है। यूं तो यह सीट हमेशा से भाजपा की गढ़ मानी जाती रही, मगर 2013 से चली आम आदमी पार्टी की आंधी के बाद लगातार दो बार से यहां भाजपा की हार हुई है।
तीखे ट्वीट के कारण सोशल मीडिया पर चर्चाओं में रहने वाले बग्गा क्या इस सीट पर फिर से भाजपा का परचम लहरा पाएंगे, यह अहम सवाल है। हालांकि तजिंदर सिंह बग्गा युवाओं की टीम के साथ प्रचार में जुटे हुए हैं। नानकपुरा, पराग विहार, मायापुरी आदि क्षेत्रों से मिलकर हरिनगर विधानसभा बनी है। 1993 से दिल्ली में यह विधानसभा सीट अस्तित्व में आई।
पहली बार 1993 में हुए चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने बाजी मारी। फिर लगातार 2008 तक जीतती रही। यहां से भाजपा के टिकट पर हरशरण सिंह बल्ली लगातार चार बार विधायक बने। साल 2013 में भाजपा ने यह सीट गठबंधन में शिरोमणि अकाली दल के हवाले कर दी थी। 2013 और 2015 में लगातार आप उम्मीदवार जगदीप सिंह यहां से जीतने में सफल रहे।
आम आदमी पार्टी ने इस बार सिटिंग एमएलए जगदीप सिंह का टिकट काटकर पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता रहीं राजकुमार ढिल्लो को दिया है। जबकि कांग्रेस ने सुरेंदर सिंह सेठी को चुनाव मैदान में उतारा है।
हरिनगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 143104 वोटर हैं, जिसमें 76573 पुरुष और 66531 महिलाएं हैं। भाजपा उम्मीदवार तजिंदर पाल सिंह बग्गा की राह में पार्टी के ही पुराने नेता और इस सीट से चार बार के विधायक रहे हरिशरण सिंह बल्ली की चुनौती है जो टिकट न मिलने पर आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव परिणाम : वर्ष 2015 में जगदीप सिंह (आप)- 65398, अवतार सिंह हिट (भाजपा)- 26444, वर्ष 2013 में जगदीप सिंह (आप)- 38912, श्याम शर्मा (शिअद)- 30036 वोट।
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