Delhi Air Pollution: कैसे दिखेगी खुशियों की लहर दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई जहर

Delhi Air Pollution Updated:– सर्दियों की दस्तक के साथ महापर्व दिवाली आने वाला है। जहां दिवाली प्रकाश और खुशियों का प्रतीक है .वही दिवाली से पूर्व दिल्ली की हवाओ में जहर घुल गया है और दीवाली की खुशियों में मानो इन हवाओ ने विघ्न डाल दिया है। लगातार दिल्ली और दिल्ली के आसपास के इलाको की हवा जहरीली होती जा रही है लोगो का इस हवा में साँस लेना मुश्किल हो रहा है। हर और धुंध छाई हुई है और कोविड के तांडव से मुक्ति मिलने के बाद भी दिल्ली के लोगो को मास्क से मुक्ति नहीं मिली है. वही वायु गुणवत्ता के परिपेक्ष्य में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की रिपोर्ट में दिल्ली को भारत का सबसे प्रदूषित राज्य बताया गया और इस राज्य की वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। 
 
विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे है की आगामी कुछ दिनों में दिल्ली की हवा और खराब होगी और लोग इससे काफी प्रभावित भी होंगे। इस खराब होती वायु की गुणवत्ता का प्रभाव लोगो पर भी देखने को मिल रहा है. क्योंकि हवा की खराब गुणवत्ता के कारण लोगो को असाध्य रोगो की पीड़ा झेलनी पड़ रही है। स्वस्थ दिखने वाले लोग ह्रदय , फेफड़ो और अस्थमा जैसी बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे है। वही सरकार दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु कई कदम उठा रही है। 

जाने दिल्ली में वायु प्रदूषण रोकने हेतु सरकार ने क्या की पहल –

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने हेतु कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने कई अहम निर्णय लिए है। दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-1 लागू किया गया है. इसके साथ ही दिल्ली में चल रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़को पर दौड़ाने से प्रतिबंध लगाया गया है। 
इसके साथ ही यह निर्देश दिया गया है की यदि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं आया और स्थित गंभीर हुई तो वर्क फ्रॉम होम किया जाएगा और सस्कूल और कॉलेज को बंद किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली में डस्ट अभियान जारी है और जहां बड़े स्तर पर निर्माण कार्य किया जा रहा है वहां स्मॉग गन के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए है। वही परौली को जलाने की जगह उसमे डिकम्पोजर डालने की बात कही गई है। क्योंकि यह परौली को गला देता है और इससे खेतो में नमी बरकरार रहती है। 

सरकार का प्रयास क्या जनता के लिए बन रहा राहत –

दिल्ली घनी आबादी वाला राज्य है। यहाँ वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने हेतु सरकार जो भी कदम उठा रही है उसे इतनी आसानी से लागू करना शायद मुमकिन नहीं है। क्योंकि सरकार कारखानों , मेट्रो अस्पतालों को अकास्मिक रूप से बंद नही कर सकती है और ही बड़े बड़े कंस्ट्रक्शन के कामो पर प्रतिबंध लगा सकती है। सरकार एक और जहां पेड़ो की रोपाई कर रही है वही दूसरी ओर इन पेड़ो की कटाई हो रही है। लोगो के घरो में धड़ाके के साथ एसी का इस्तेमाल हो रहा है. जिससे क्लोरो फ्लोरो कार्बन हवाओ में फ़ैल रही है और सरकार का एयर फ़िल्टर कॉन्सेप्ट शून्य होता दिखाई दे रहा है। 
दिल्ली सरकार जो भी कदम वायु की बेहतर गुणवत्ता के लिए उठा रही है। वह कही न कही उचित है लेकिन दिल्ली का आबादी के वह लचक खा रहे है और दिल्ली के लोगो को कही न कही इस खराब गुणवत्ता के साथ अपने स्वास्थ्य का दाव खेलते हुए जीवन यापन करना पड़ रहा है। 

वायु प्रदूषण से बचने हेतु खुद से उठाएं यह कदम –

यदि आप दिल्ली स शहर में है और दिल्ली की हवाओ ने आपको चिंता में डाल दिया है तो आप दिल्ली की जहरीली हवाओ से बचने के लिए सुरक्षा के इन नियमो का पालना अवश्य करें. 

कोशिश करें की आप बेवजह घर से बाहर न निकलने।

घर से बाहर जाते वक्त मास्क का उपयोग करे।

 

अपने वाहनों का इस्तेमाल कम करे।

 

बच्चो और बुजुर्गो को बेवजह बाहर न भेजे।

 

ज्यादा से ज्यादा पानी पियें।

खुले में रखी वस्तुओ को खाने से परहेज करे.

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