DELHI : ड्रोन कैमरों से हिंसाग्रस्त इलाकों में सुरक्षा बल कर रहे हैं निगरानी, स्थानीय लोगों का मिला साथ

DELHI : ड्रोन कैमरों से हिंसाग्रस्त इलाकों में सुरक्षा बल कर रहे हैं निगरानी, स्थानीय लोगों का मिला साथ

नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों के ड्रोन कैमरे लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। हिंसाग्रस्त इलाकों में स्थानीय लोगों द्वारा बताए जा रहे संदिग्ध स्थानों पर सुरक्षा बल ड्रोन से निगरानी कर रहे हैं। बुधवार पूरी रात सुरक्षा बलों ने ड्रोन कैमरे से इलाके पर नजर बनाए रखी। खास बात यह रही कि सुरक्षाबलों की इस चौकसी और जांच में स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

स्थानीय लोगों ने अर्धसैनिक बलों के जवानों और अधिकारियों को संदिग्ध क्षेत्रों और लोगों की जानकारी मुहैया कराई। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर भी हिंसाग्रस्त इलाकों में ड्रोन कैमरा और सशस्त्र बलों को तैनात किया जा रहा है। मौजपुर और कबीर नगर इलाके में बुधवार को अंधेरा होते ही ड्रोन कैमरे की मदद से निगरानी शुरू कर दी गई।

मौजपुर की गली नंबर 10 के एक स्थानीय निवासी ने कहा कि तडक़े करीब तीन बजे के आस-पास गली में कई लोगों के दौडऩे की आवाज आई। रात के सन्नाटे में खलल डालती इन आवाजों से हमारा पूरा परिवार सहम गया। जैसे-तैसे हिम्मत करके मैंने हिम्मत जुटाई और खिडक़ी के एक कोने से छुप कर देखा तो नीचे अर्धसैनिक बलों के जवान गश्त कर रहे थे। अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी से यहां लोगों में सुरक्षा की भावना आई है।

एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा, सुरक्षाबलों की मौजूदगी से यहां के लोग अब काफी राहत महसूस कर रहे हैं। हम लोगों ने भी आधी रात के बाद सुरक्षा बलों के साथ गलियों में चौकसी रखी। मौजपुर व उसके आस-पास क्षेत्रों में मौजूद सुरक्षाकर्मियों की मदद के लिए स्थानीय लोग अब खुलकर सामने आ रहे हैं। इन लोगों की मदद से पुलिस एवं अर्धसैनिक बल उपद्रवियों की सूचनाएं जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

सुरक्षा बलों की मौजूदगी और हिंसक झड़पों में आई कमी के बावजूद मौजपुर में तनाव अभी भी बरकरार है। यहां गुरुवार को भी सभी बाजार पूरी तरह बंद रहे। स्कूल, अस्पताल, बैंक, नर्सिग होम जैसी जरूरी सेवाएं अभी तक पूरी तरह से बंद हैं। इसके अलावा सडक़ों पर सार्वजनिक परिवहन के साधन भी आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

हालांकि लोगों की सुविधा के लिए मौजपुर और उसके आस-पास बंद पड़े मेट्रो स्टेशन अब खोल दिए गए हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित स्थानीय लोग अभी भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इलाके में तैनात सुरक्षा बल भी स्थानीय लोगों को केवल बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की हिदायत देते दिखाई दिए।

लोगों का कहना है कि फिलहाल इलाके में शांति है, लेकिन यह शांति अभी अस्थाई है। विजय पार्क इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग ने कहा कि हिंसा, आगजनी और गोलीबारी जैसी वारदातें केवल सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण ही संभव हो सकी है। अभी भी यदि सुरक्षा बलों की संख्या में कमी की गई या उन्हें हटा दिया गया तो हमारे और अन्य इलाकों में फिर से हिंसा भडक़ सकती है।

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