Coronavirus Third Wave : रोजाना 30 लाख केस! Third Wave पर डरा रही ये भविष्यवाणी

नई दिल्ली। भारत में  तीसरी लहर के 1 से 15 फरवरी के बीच चरम पर पहुंचने की संभावना है। बता दें कि आरओ वैल्यू अगर एक से नीचे चली जाती है तो संक्रमित लोग ज्यादा को संक्रमित नहीं कर पाते और इस तरह मामले कम होने लगते हैं। आईआईटी मद्रास के गणित विभाग के सहायक प्रफेसर डॉ. जयंत झा ने कहा कि आरओ तीन चीजों पर निर्भर करता है – प्रसार की आशंका, संपर्क दर और संभावित समय अंतराल जिसमें संक्रमण हो सकता है।

अब क्वॉरंटीन उपायों या पाबंदियां बढ़ाए जाने के साथ हो सकता है कि संपर्क में आने की दर कम हो जाए और उस मामले में आरओ कम हो सकता है। इस समय हर एक संक्रमित शख्स चार अन्य लोगों को संक्रमित कर रहा है। फैलाव की इस दर को आरओ वैल्यू कहा जाता है जो इस हफ्ते 4 दर्ज की गई है। यह इस बात का संकेत देता है कि संक्रमण के प्रसार की दर बहुत ज्यादा है। ये बातें आईआईटी मद्रास के विश्लेषण में सामने आई है।

हमारे शुरुआती विश्लेषण के आधार पर हम यह संख्या बता सकते हैं लेकिन यह संख्या बदल सकती है जो इस पर निर्भर करता है कि लोगों के एकत्रित होने व अन्य चीजों के संबंध में कितनी निर्णायक कार्रवाई की जाती है। झा ने कहा कि उनके आकलन के अनुसार कोरोना वायरस की मौजूदा लहर 1 से 15 फरवरी के बीच चरम पर पहुंच सकती है और इसके पहले की लहरों की तुलना में तेज रहने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह लहर पहले की लहरों से अलग होगी।

टीकाकरण एक कारक है लेकिन इस बार सामाजिक दूरी जैसे उपाय कम देखे गए हैं। उन्होंने कहा, लेकिन यहां फायदा यह है कि इस बार करीब 50 फीसदी आबादी का टीकाकरण हो गया है।भारत में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के दौरान रोज 30 लाख केस तक आ सकते हैं। यह डराने वाला अनुमान है अमेरिकी फर्म नोमुरा का।

इस फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म ने शुक्रवार को एक नोट में भारत में ओमिक्रॉन के चलते तीसरी लहर से जुड़े अनुमान जारी किए। इसके अनुसार, अगर भारत में ओमिक्रॉन अमेरिका की तरह फैलता है तो पीक के दौरान रोज 30 लाख केस सामने आ सकते हैं। अपनी चेतावनी में फर्म ने कहा कि ओमिक्रॉन की वजह से भारत की स्‍वास्‍थ्‍य व्यवस्‍था चरमरा सकती है। वहीं अगर भारत में ओमिक्रॉन संक्रमण दक्षिण अफ्रीका के रास्‍ते पर चला तो रोज 7,40,000 मामले आने का अनुमान लगाया गया है।

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