नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Corona Virus) ने अपने खौफ से पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. अमेरिका, इटली और ब्रिटेन जैसे देश भी इस महामारी के सामने घुटने टेकते हुए दिखाई दिए हैं। वहीं भारत अभी भी कोविड -19 (COVID-19) महामारी के खिलाफ मजबूती से लड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल (Lov Aggrawal) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 1409 नए मामले आए हैं. इसके साथ ही अब देश में कुल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 21 हजार के पार जा पहुंची है।
गुरुवार को उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि देश में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 21 हजार 393 तक जा पहुंची है। उन्होंने आगे बताया कि इस महामारी ने अब तक देश के 681 लोगों को अपना शिकार बनाया है. जबकि 4 हजार 248 लोगों ने कोविड -19 महामारी को शिकस्त देते हुए अपने घरों को वापसी की है. बीते 28 दिनों में करीब 12 जिले ऐसे रहे हैं जहां कोरोना का कोई फ्रेश केस सामने नहीं आया है।इसके अलावा बीते 14 दिनों में 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 78 जिले ऐसे रहे हैं जहां कोरोना का कोई फ्रेश केस सामने नहीं आया है।
In last 24 hours 1409 positive cases have been reported, which takes our total confirmed cases to 21,393: Lav Agarwal, Joint Secretary, Health Ministry #COVID19 pic.twitter.com/TVCj5RxGgw
— ANI (@ANI) April 23, 2020
वहीं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा ने मीडिया को ब्रीफ करते हुए बताया कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए अब हमें नई रणनीति पर विचार करना होगा. क्योंकि मौजूदा समय कोविड-19 लगातार हमारे सामने एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. इस समय हमारा मूल मंत्र है कि जिंदगी कैसे बचाएं. हमने पिछले महीने की 23 तारीख को कोरोना वायरस संक्रमण के 14915 टेस्ट किए थे और 22 अप्रैल तक 4 लाख से ज्यादा टेस्ट कर चुके हैं, लेकिन अभी ये काफी नहीं है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए हम लगातार टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। कोरोना वायरस से जंग के खिलाफ टेस्टिंग ही एक अहम हथियार है। हम आज भी एक महीने के पहले की स्थिति में हैं और हालात बिगड़े नहीं हैं. अभी तक बाकी देशों की तुलना में हम बेहतर कर रहे हैं।
लॉकडाउन के दौरान गृहमंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था की गतिविधियों को बनाए रखने के लिए कृषि कार्यों को अनुमति दे दी गई है। इसके अलावा प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज की दुकानों को भी एमएचए ने छूट दी है। वहीं शहरों में दूध और ब्रेड की फैक्ट्रियों को भी छूट दी गई है. दाल और आटा चक्कियों के अलावा किताब-कॉपी और इलेक्ट्रिक उपकरणों की दुकानों को भी छूट दी गई है।
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