कोरोना : केरल से राज्य की यात्रा करने वाले व्यक्तियों के लिए पांच दिन का क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है

देश में कोरोना के मामले थोड़े कम होने शुरू हो गए हैं। जो मामले पहले चालीस हजार से ऊपर चल रहे थे, अब उनका ग्राफ 30 हजार के नीचे आने लगा है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि केरल में अभी भी चरम पर है। देश में जरूर सुधार है, लेकिन केरल में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में गोवा सरकार ने केरल से राज्य की यात्रा करने वाले व्यक्तियों के लिए पांच दिन का क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है। 

आमतौर पर वैक्सीन में वायरस का निष्क्रिय अंश मिलाया जाता है और शरीर में इसके जाने के साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली इसका जवाब देती है. प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को रोगजनक वायरस से बचाने की कोशिश करती है और इसी कारण कई तरह के साइड इफेक्ट नजर आते हैं.

इसके अलावा गोवा सरकार ने राज्य-स्तरीय कोविड -19 “कर्फ्यू” को 20 सितंबर तक एक और सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। सीआरपीसी की धारा 144 के तहत दो जिलाधिकारियों द्वारा जारी एक आदेश में, “केरल से आने वाले सभी छात्रों और कर्मचारियों को पांच दिनों के इंस्टीट्यूश्नल क्वारंटीन पूरा करना है।”

केरल के अन्य पर्यटकों को अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा और आदेश के अनुसार पांच दिनों के लिए होम क्वारंटीन से भी गुजरना होगा।

आदेश के अनुसार “छात्रों के क्वारंटीन की व्यवस्था शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासकों / प्राचार्यों द्वारा की जाएगी। कर्मचारियों के लिए, यह संबंधित कार्यालयों / कंपनियों / फर्मों द्वारा की जाएगी। फिर पांच दिनों के अंत में, उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाएगा।”

Corona से हुई मौत तो उसे Death Certificate पर लिखा जाएगा

हालांकि, यह आदेश संवैधानिक पदाधिकारियों, स्वास्थ्य पेशेवरों और उनके जीवनसाथी, दो साल से कम उम्र के बच्चों, परिवार में किसी की मौत जैसी गंभीर आपात स्थिति में और ट्रेन या सड़क मार्ग से राज्य से गुजरने वालों पर लागू नहीं होगा।

बता दें कि इस आदेश से पहले, कोविड वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने वालों को छोड़कर राज्य में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी थी।

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